जनगणना की आधुनिक प्रक्रिया, मोबाइल एप द्वारा भरी जाएगी संपूर्ण जानकारी

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प्रदीप सिंह बघेल 
शहडोल। जनगणना एक विधिक प्रक्रिया है, जिसका समय-सीमा मे निर्वहन किया जाना अनिवार्य है। भारत की पहली ऐसी जनगणना सम्पन्न हो रही है जिनमें जनगणना आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल उपकरणों के माध्यम से किया जाएगा। प्रगणकों द्वारा विशिष्ट मोबाईल एप्लीकेशन का प्रयोग करते हुए परिवारों से आंकड़ों का संग्रहण, स्वयं के स्मार्ट फोन पर किया जाएगा।  गणना के समय प्रगणक मुख्य रूप से मकानों की स्थिति परिवारों को उपलब्ध सुविधाएं तथा परिसंपत्तियों से संबंधित आंकडे़ एकत्र करेंगे। 
 सहायक निर्देशक जनगणना श्री आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि प्रगणक घर-घर जाकर मकान के निर्माण में उपयोग की गई सामग्री, स्वामित्व, पेयजल, प्रकाश, शौचालय, गंदे पानी की निकासी, स्नान की सुविधा तथा रसोई घर में उपयोग किए जाने वाले ईधन की भी जानकारी लेंगे। जनगणना के दौरान जिले में नागरिकों की जानकारी घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के माध्यम से भरी जाएगी। जनगणना की इस आधुनिक प्रक्रिया में नागरिकों द्वारा स्व-गणना के माध्यम से भरे गए आंकड़ों का सत्यापन प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर किया जाएगा, जिससे आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।
जनगणना कार्य को सुचारू, पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों एवं कर्मचारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना अधिकारी अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह, अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर श्रीमती अमृता गर्ग, अनुविभागीय अधिकारी ब्यौहारी श्री भागीरथी लहरे, डिप्टी कलेक्टर सुश्री अर्चना मिश्रा, श्री गैलेक्सी नागपुरे, शहडोल जिला के जनगणना प्रभारी श्री गिरीश कुमार शुक्ला, जिला सूचना अधिकारी,  अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण में बताया गया कि प्रगणक घर-घर जाकर स्वयं के मोबाइल फोन में इंस्टॉल किए गए ऐप के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे। वहीं स्व-गणना के माध्यम से नागरिकों द्वारा भरे गए आंकड़ों को प्रगणक मौके पर जाकर सत्यापित करेंगे। इस प्रक्रिया से डेटा संग्रहण में तेजी आएगी तथा त्रुटियों की संभावना न्यूनतम रहेगी।
अधिकारियों को जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं भवनों की गणना, भवन संख्या निर्धारण, परिभाषाओं की स्पष्ट समझ, प्रश्नावली के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नों, मोबाइल ऐप के संचालन, डेटा प्रविष्टि, यूजर मैनेजमेंट तथा जनगणना कार्य प्रवाह के बारे में विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ केदार सिंह ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से प्रत्येक परिवार एवं प्रत्येक व्यक्ति की आधिकारिक एवं पूर्ण गणना की जाती है। इसमें जनसंख्या से जुड़े सामाजिक, आर्थिक एवं सांख्यिकीय आंकड़े शामिल होते हैं। इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य में कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण, संसदीय एवं विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन, आवास, बुनियादी सुविधाओं तथा सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी नीतियों के निर्माण में किया जाता है।
उन्होंने कहा कि जनगणना के सफल संचालन में जनगणना अधिकारियों, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी जिम्मेदारी, नेतृत्व एवं सक्रिय सहभागिता के परिणामस्वरूप ही उच्च गुणवत्ता वाला डेटा निर्धारित समय-सीमा में एकत्र किया जा सकेगा।

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