"इंदौर में मौत का मातम, पर सत्ता के नशे में चूर मंत्री का विवादित बोल—'घंटा'!"
सह संपादक दीपक वाड़ेकर
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में नगर निगम की पाइपलाइन में सीवरेज का पानी मिलने के कारण भीषण जल प्रदूषण हुआ, जिससे लगभग 8 से 10 लोगों की मृत्यु हो गई और 1100 से अधिक लोग बीमार पड़ गए।
कैलाश विजयवर्गीय का बयान: जब इस गंभीर मुद्दे पर पत्रकारों ने स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से तीखे सवाल पूछे, तो उन्होंने कथित तौर पर "घंटा" शब्द का प्रयोग किया। उनका यह लहजा सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ और विपक्ष ने इसकी तीखी आलोचना की।
मुख्य अपडेट:
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बाद में स्वीकार किया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह घटना हुई और उन्होंने दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।
इस मामले में नगर निगम के कुछ अधिकारियों को निलंबित भी किया गया है।
वही कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने भी वीडियो को सोशल मिडिया के माध्यम से भाजपा नेताओं और नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पटवारी ने कहा कि मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, लेकिन सत्ताधारी दल के नेता संवेदनहीन बने हुए हैं।

