राष्ट्रीय महासचिव विवेक शर्मा ने छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के लिए केंद्र के समान डी ए की मांग की
राजिम। राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय आई टी सेल प्रभारी,एवं शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष महामंत्री विवेक शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की वृद्धि कर 60% से 63% किये जाने के निर्णय का कर्मचारी संगठन एवं छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ की ओर से स्वागत किया।
केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद केंद्र और छत्तीसगढ़ राज्य के महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत का बड़ा अंतर हो गया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों, शिक्षकों एवं पेंशनरों को 58% महंगाई भत्ता प्राप्त हो रहा है, जबकि केंद्र के कर्मचारियों को 63% मिल रहा है।
कर्मचारी संगठन के राष्ट्रीय महासचिव विवेक शर्मा * ने राज्य सरकार से मांग की है कि:
1. राज्य सरकार अपने घोषणा-पत्र में किये गये वादे के (केंद्र के समान महगाई भत्ता अनुसार) प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान 63% महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत प्रदान करे।
2. बढ़ती महंगाई को देखते हुए लंबित 5% महंगाई भत्ते की एरियर राशि का भुगतान देय तिथि 01.01.2026 एवं 01.07.2026 से करते हुए दीपावली पर्व से पूर्व कर्मचारियों के खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
श्री शर्मा ने कहा कि दीपावली जैसे बड़े पर्व से पहले डी ए का भुगतान होने से प्रदेश के लाखों कर्मचारी एवं पेंशनर परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा और वे त्योहार खुशी से मना सकेंगे।
छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी जी से मांग की है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच प्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ते का लाभ मिलना चाहिए। खाद्य पदार्थों, घरेलू जरूरतों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि से कर्मचारियों के मासिक बजट पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में महंगाई भत्ते का अंतर उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है।
दीपावली से पहले मुख्यमंत्री से घोषणा करने की मांग कर्मचारी संगठन की ओर से किया गया है
मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए दीपावली से पूर्व लंबित एरियर्स सहित भुगतान किया जाय।
संघ का कहना है कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के प्रभाव से राहत देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए राज्य सरकार को इस मामले में शीघ्र निर्णय लेकर कर्मचारियों को राहत प्रदान करनी चाहिए।
कर्मचारियों को सरकार के फैसले का इंतजार है
कर्मचारी संगठन एवं छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने राज्य सरकार से केंद्र और प्रदेश के महंगाई भत्ते के बीच अंतर समाप्त करने की मांग दोहराई है। संगठन का कहना है कि केंद्र के समान महंगाई भत्ता और महंगाई राहत मिलने से राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक संबल मिलेगा।
अब कर्मचारियों की निगाहें राज्य सरकार के निर्णय पर टिकी हैं। यदि सरकार इस मांग पर सकारात्मक फैसला लेती है, तो प्रदेश के हजारों शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिल सकती है।

