शिक्षा से वंचित न रहे कोई भी बच्चा, शत-प्रतिशत नामांकन हमारी प्राथमिकता : डीपीसी दफेदार सिंह

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अतुल जैन 
खनियाधाना में शिक्षा विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक, अपार आईडी, चाइल्ड ट्रैकिंग, यू-डाइस, साक्षर भारत और मध्यान्ह भोजन योजना पर दिए सख्त निर्देश

खनियाधाना । आगामी शैक्षणिक सत्र को पूरी तरह व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख बनाने के उद्देश्य से शनिवार को जनपद पंचायत सभागार खनियाधाना में शिक्षा विभाग की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) दफेदार सिंह ने की। उन्होंने अधिकारियों, जन शिक्षकों और विद्यालय प्रमुखों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि विकासखंड का कोई भी पात्र बच्चा विद्यालय में प्रवेश से वंचित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की पहुँच सुनिश्चित करना ही विभाग का सबसे बड़ा लक्ष्य है।

डीपीसी ने कहा कि शिक्षा केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे का मौलिक और संवैधानिक अधिकार है। इसके लिए शिक्षक एवं शिक्षा विभाग का अमला गांव-गांव और वार्ड-वार्ड जाकर ऐसे बच्चों की पहचान करे जो अभी तक विद्यालय से नहीं जुड़े हैं। अभिभावकों से संवाद स्थापित कर उन्हें विद्यालय तक लाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में बीआरसी संजय भदोरिया, समस्त बीएसी, जन शिक्षक, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक तथा अशासकीय विद्यालयों के संचालक उपस्थित रहे। डीपीसी ने निर्देश दिए कि विद्यालय खुलते ही अनुशासित एवं प्रेरणादायी शैक्षणिक वातावरण दिखाई देना चाहिए। समय पर प्रार्थना, नियमित घंटी, 'आज का शुभ विचार', बाल कैबिनेट का गठन तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सीखने की ललक विकसित हो सके।

उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए ओलंपियाड, एनएमएमएस और नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी प्रारंभ से ही कराने पर विशेष जोर दिया। साथ ही प्रतिदिन श्रुतलेख और सुलेख का अभ्यास, कॉपियों का समयबद्ध मूल्यांकन तथा नियमित फेयर कार्य कराने के निर्देश दिए, जिससे विद्यार्थियों की लेखन क्षमता और सीखने का स्तर बेहतर हो सके।

बैठक में अपार आईडी, यू-डाइस प्रोग्रेशन, चाइल्ड ट्रैकिंग और साक्षर भारत अभियान की बिंदुवार समीक्षा की गई। डीपीसी ने सभी विद्यालयों में स्टॉक पंजी, संपर्क पंजी एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों के अद्यतन संधारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र के अभिभावकों के मोबाइल नंबर दर्ज किए जाएं तथा अनुपस्थित विद्यार्थियों के घर पहुंचकर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने का प्रयास किया जाए।

मध्यान्ह भोजन योजना की समीक्षा के दौरान डीपीसी ने स्पष्ट किया कि बच्चों को निर्धारित समय पर स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्रत्येक विद्यालय की जिम्मेदारी है। भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के समापन पर डीपीसी ने खनियाधाना विकासखंड में विभिन्न शैक्षणिक नवाचारों, प्रभावी मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी अधिकारियों, जन शिक्षकों और शिक्षकों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए "कोई भी बच्चा प्रवेश से वंचित न रहे" अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।

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