ज़हरीली शराब नहीं, अपनों का खून: बहन के बदलते बयानों ने खोला तिहरे हत्याकांड का राज
मेरठ। दौराला कस्बे में तीन लोगों की मौत के मामले में अंकित की बहन अलका के बयानों ने ही उसकी गर्दन कानून के शिकंजे में फंसा दी। जिसे शुरुआत में एक जहरीली शराब का हादसा माना जा रहा था वह अलका के विरोधाभासी बयानों के कारण एक सुनियोजित हत्याकांड की साजिश के रूप में सामने आया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अलका का व्यवहार शुरू से ही संदिग्ध था। वह बार-बार अपने बयान बदल रही थी। पहले उसने खुद को पूरी तरह अनजान बताया और रोने-बिलखने का नाटक कर इसे सामान्य हादसा साबित करने की पूरी कोशिश की। जब पुलिस ने कड़ाई से शराब के स्रोत और घर की परिस्थितियों पर सवाल किए तो वह हर बार नई कहानी सुनाने लगी। उसके बयानों में तालमेल न होने के कारण पुलिस का शक उस पर गहराता चला गया।
अधिकारियों का कहना है कि अलका लगातार इमोशनल ड्रामा रच रही थी ताकि जांच की सुई उसकी तरफ न मुड़े। वह बार-बार जांच अधिकारियों को गुमराह करने और तथ्यों को छिपाने का प्रयास करती रही लेकिन जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सख्ती का सहारा लिया तो वह टूट गई और सच्चाई उगल दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता और अलका के संदिग्ध आचरण को देखते हुए उसे और उसके प्रेमी पवन उर्फ पोली को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का मानना है कि यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि एकसोची-समझी साजिश थी। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है। जल्द ही पुलिस इस पूरे मामले का आधिकारिक रूप से खुलासा कर देगी।
साभार अमर उजाला

