इंदौर में संगठित वेतन घोटाला: कुछ झोन में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी, जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब?
पत्रकार खुशबू श्रीवास्तव
इंदौर कुछ झोन से सामने आया डबल सैलरी घोटाला न केवल प्रशासनिक लापरवाही, बल्कि संगठित भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर पेश करता है। उत्तर शहर संभाग की जानकारी के अनुसार करीब कुछ कर्मचारी वर्षों से नियमों को ठेंगा दिखाते हुए डबल सैलरी ले रहे हैं, जिससे विद्युत कंपनी को लाखों रुपए का सीधा नुकसान हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक सहायक यंत्री (A.E) के ड्राइवर पर डबल सैलरी लेने का आरोप है, जबकि ऑपरेटर भी इस घोटाले में शामिल बताए जा रहे हैं। कुछ कर्मचारी बिना कार्य किए घर बैठे वेतन उठा रहे हैं, जो सिस्टम की नाकामी को खुलकर उजागर करता है।
इतना ही नहीं, सहायक यंत्री के करीबी कुछ पर भी बिना ड्यूटी किए सैलरी लेने के गंभीर आरोप हैं। रिक्शा अटैच होने के बावजूद वेतन ले रहे हैं।
सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मामला एक जोन का है, जो वर्षों पहले रिटायर्ड हो चुके हैं, लेकिन फिर भी आउटसोर्सिंग के नाम पर अपने और अपने बेटे के नाम से सैलरी निकाल रहे हैं। यह सीधा-सीधा सरकारी नियमों और नैतिकता का उल्लंघन है।

