पैरा-एम्प्युटी फुटबॉलर प्रमोद धनेले ने रचा विश्व इतिहास
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स धारक, आई बी डब्ल्यू 2026 में विशेष रूप से आमंत्रित, प्रदेश के लिए गौरव
ब्यूरो चीफ दिव्यानंद अर्गल
ग्वालियर :- बाधाओं को चुनौती देने वाले असाधारण एथलीट, पैरा-एम्प्युटी फुटबॉलर और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स धारक, प्रमोद धनेले, को उनके बहु-खेल कौशल और अदम्य भावना के कारण लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। उनके प्रेरणादायक सफर को देखते हुए, उन्हें इंडिया बाइक वीक (आई बी डब्ल्यू) 2026 के आयोजकों द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। धनेले, मध्य प्रदेश से इस इवेंट में भाग लेने वाले पहले पैरा-एम्प्युटी राइडर बनकर इतिहास रचने के लिए तैयार हैं।
आई बी डब्ल्यू 2026 का भव्य आयोजन पंचगनी, महाराष्ट्र के दुबाश एयरफ़ील्ड में होगा।
प्रतिबद्धता और उपलब्धियों का सफर
एक गंभीर दुर्घटना में अपना पैर खोने के बावजूद, प्रमोद धनेले ने हार नहीं मानी। फुटबॉल के राष्ट्रीय गौरव से लेकर योग की एकाग्रता और कार रैली की रफ्तार तक, उनकी उपलब्धियाँ असाधारण हैं।
प्रमुख उपलब्धियाँ
रिकॉर्ड ब्रेकिंग राइड: इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के तहत कन्याकुमारी से कश्मीर तक 4320 किलोमीटर की ऐतिहासिक 'दिव्यांग सशक्तीकरण खेल यात्रा' सफलतापूर्वक पूरी की।
पैरा-एम्प्युटी फुटबॉल: उन्होंने नेशनल चैंपियनशिप 2024 में रजत पदक और 2025 में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्राप्त किया। पैरा योगासन मे स्टेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक प्राप्त किया। सितंबर 2025 में दिल्ली में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में 11वीं रैंक हासिल की। मोटरस्पोर्ट्स (कार रैली) द आगरा ताज कार रैली (फरवरी 2025) में भाग लिया और प्रभावशाली 8वीं पोजीशन प्राप्त की।
आई बी डब्ल्यू 2026 में ऐतिहासिक भागीदारी: 'राइडिंग स्पिरिट' का सम्मान
इंडिया बाइक वीक (आई बी डब्ल्यू) एशिया का सबसे बड़ा और सबसे प्रतिष्ठित मोटरबाइक फेस्टिवल है, जो गति, साहस और सामुदायिक भावना का प्रतीक है। आयोजकों द्वारा श्री धनेले को दिया गया विशेष आमंत्रण, उनकी 'राइडिंग स्पिरिट' और लाखों लोगों को प्रेरित करने की उनकी क्षमता को मान्यता देता है। प्रमोद धनेले ने आई बी डब्ल्यू में अपनी भागीदारी पर कहा:
"आई बी डब्ल्यू सिर्फ बाइकर्स का जमावड़ा नहीं है, यह स्वतंत्रता और अदम्य भावना का उत्सव है। मध्य प्रदेश से पहला पैरा-एम्प्युटी राइडर बनकर इस मंच पर आना मेरे लिए सम्मान की बात है। मेरा उद्देश्य आई बी डब्ल्यू के माध्यम से यह साबित करना है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी भौतिक बाधा आपके सपनों को रोक नहीं सकती। यह आमंत्रण दर्शाता है कि राइडिंग समुदाय दिव्यांगता नहीं, बल्कि जुनून देखता है।" धनेले की यह ऐतिहासिक भागीदारी, दिव्यांग सशक्तीकरण के उनके मिशन को नई गति देगी।

