लोक सेवा गारंटी अधिनियम अंतर्गत अर्थदंड की कार्यवाही
रिपोर्टर :- सलीम हुसैन
झाबुआ। मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2010 की समीक्षा 09 फरवरी 2026 की समयावधि बैठक में की गई, जिसमें अधिसूचित सेवाओं के कई आवेदन समय-सीमा से बाह्य लंबित पाए गए। प्रकरणों को अधिनियम की धारा 6(3) के परंतुक “क” अंतर्गत स्वप्रेरणा से द्वितीय अपील में पंजीबद्ध कर परीक्षण किया गया। निर्धारित समय-सीमा पर्याप्त होने के बावजूद निराकरण में विलंब पाए जाने से संबंधित पदाभिहित अधिकारियों की लापरवाही प्रमाणित हुई।
उक्त के फलस्वरूप कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी नेहा मीना, द्वितीय अपील अधिकारी द्वारा धारा 7(1) के अंतर्गत तहसीलदार झाबुआ पर ₹500/-, प्रभारी तहसीलदार थांदला पर ₹1,000/-, प्रभारी तहसीलदार मेघनगर पर ₹250/-, नायब तहसीलदार झकनावदा पर ₹250/-, नायब तहसीलदार झाबुआ पर ₹500/- तथा नायब तहसीलदार सारंगी पर ₹3,000/- का एकमुश्त अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। साथ ही भविष्य में अधिसूचित सेवाओं का निराकरण समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

