राहुल गांधी के हाथ में दिखी जो किताब, उसे लेकर पेंगुइन का बड़ा दावा— 'अभी तक छपी ही नहीं कोई भी प्रति'
नई दिल्ली। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि इस किताब के एकमात्र प्रकाशन अधिकार उनके पास हैं, लेकिन यह किताब अब तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। न तो इसकी कोई छपी हुई प्रति और न ही डिजिटल संस्करण (ई-बुक, पीडीएफ आदि) बाजार में जारी किया गया है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि अगर किताब की कोई प्रति, पूरी या आंशिक, किसी भी रूप में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, तो वह कॉपीराइट का उल्लंघन है। ऐसे सभी मामलों में उस सामग्री का प्रसार तुरंत बंद किया जाना चाहिए। प्रकाशक ने यह भी साफ किया कि किताब के अवैध और अनधिकृत प्रसार के खिलाफ वे कानून के तहत उपलब्ध सभी कदम उठाएंगे। यह बयान इसलिए जारी किया गया है ताकि प्रकाशक की स्थिति को रिकॉर्ड पर साफ तौर पर रखा जा सके।
पेंगुइन की तरफ से यह स्पष्टीकरण दिल्ली पुलिस द्वारा पांडुलिपि को डिजिटल और अन्य प्रारूपों में कथित रूप से अवैध रूप से प्रसारित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के बाद आया है। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पिछले सप्ताह संसद परिसर में कथित तौर पर इस पुस्तक की एक प्रति लहराते हुए देखा गया था। वे 2 फरवरी से ही लोकसभा में इस संस्मरण के अंशों पर बोलना चाहते थे, लेकिन पुस्तक के अभी तक प्रकाशित न होने के कारण उन्हें लोकसभा अध्यक्ष ने ऐसा करने से रोक दिया था। वहीं इस मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है।
वहीं किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के कथित रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, इस पुस्तक को अभी संबंधित प्राधिकरणों से प्रकाशन की आवश्यक अनुमति नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, अभी तक अनुमोदित न हुई किसी प्रकाशन सामग्री के कथित रिसाव या उल्लंघन की गहन जांच के लिए विशेष प्रकोष्ठ में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
साभार अमर उजाला

