सीएम मोहन यादव की संपत्ति पर सियासत तेज, सवालों के बीच उठी पारदर्शिता की मांग
राजेश धाकड़
मध्य प्रदेश के मुखिया । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संपत्तियों और परिवार के व्यवसाय को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। एक खबर के बाद विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, वहीं समर्थकों का कहना है कि संपत्ति और व्यवसाय का विवरण पहले से ही चुनावी हलफनामों और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।
विपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री जैसे पद पर बैठे व्यक्ति की आर्थिक गतिविधियों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए, जबकि सत्ता पक्ष का तर्क है कि केवल संपत्ति होना कोई अपराध नहीं है, सवाल सिर्फ वैधता और नियमों के पालन का होना चाहिए।
राजनीतिक हलकों में अब चर्चा इस बात की है कि आरोपों के साथ ठोस प्रमाण भी सामने आने चाहिए। लोकतंत्र में सवाल जरूरी हैं, लेकिन अंतिम फैसला तथ्यों और जांच के आधार पर ही होना चाहिए।

