NSG कमांडो लीलाधर सांवरा (जाट) के सेवा पूर्ण आगमन पर देपालपुर अंचल में ऐतिहासिक स्वागत की तैयारियाँ जोरों पर
राजेश धाकड़
देपालपुर (इंदौर)। मध्यप्रदेश के इंदौर जिले की देपालपुर तहसील अंतर्गत नगर देपालपुर के शांति विहार निवासी NSG कमांडो लीलाधर सांवरा (जाट) के 17 वर्षों की राष्ट्रसेवा पूर्ण कर स्वदेश आगमन को लेकर ग्रामीण अंचल से लेकर नगर तक भव्य स्वागत की तैयारियाँ पूरे उत्साह के साथ की जा रही हैं।
देश की सुरक्षा में अपने जीवन के स्वर्णिम वर्ष समर्पित करने वाले कमांडो लीलाधर सांवरा के स्वागत को लेकर क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। उनके आगमन दिनांक 1 फरवरी 2026 को लेकर कई किलोमीटर पहले से ही गांव-गांव में स्वागत मंच, बैनर-पोस्टर और देशभक्ति से ओत-प्रोत सजावट की जा रही है।
एक ओर जहां जाट समाज द्वारा समाज को गौरवान्वित करने वाले इस वीर सपूत के सम्मान में विशेष स्वागत मंच लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर देशप्रेम की भावना से प्रेरित युवा वर्ग एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी भव्य स्वागत की तैयारियाँ की जा रही हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कमांडो लीलाधर सांवरा का स्वागत इंगोरिया चौपाटी, दगवाड़ा, चंबल, नरसिंहगढ़, गौतमपुरा, फरकोदा, गोकलपुर कुटी, बिरगोदा सहित कई ग्रामीण अंचलों में विशेष रूप से किया जाएगा। इसके पश्चात नगर देपालपुर में गौतमपुरा नाका पर विद्यार्थियों द्वारा स्वागत किया जाएगा।
स्वागत यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बाजार चौक, जय स्तंभ, बस स्टैंड, महाराणा प्रताप चौक, देपालपुर प्रतिमा, चमन चौराहा से गुजरते हुए शांति विहार स्थित उनके निज निवास तक पहुँचेगी। पूरे मार्ग पर देशभक्ति के नारों, तिरंगे और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत वातावरण की गूंज सुनाई देगी।
इस क्रम में देपालपुर योग मित्र मंडल एवं सुनील मेडिकल ग्रुप द्वारा भी विभिन्न स्थानों पर स्वागत की विशेष तैयारियाँ की जा रही हैं। आयोजन में आसपास के कई क्षेत्रों से नागरिकों के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
यह भव्य स्वागत कार्यक्रम इस बात का सजीव उदाहरण होगा कि सभी धर्मों से ऊपर यदि कोई धर्म है तो वह ‘देश धर्म’ है। राष्ट्रसेवा को समर्पित युवाओं के प्रति समाज का यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व बेटमा क्षेत्र के पीर पिपलिया में भी सैनिक परिवारों के प्रति ग्रामीणों द्वारा विशेष सम्मान देखने को मिला था, जिसने यह सिद्ध किया कि देश के लिए समर्पित हर व्यक्ति समाज में सर्वोच्च आदर का पात्र होता है।
कमांडो लीलाधर सांवरा का यह स्वागत न केवल एक व्यक्ति का सम्मान है, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, त्याग और समर्पण के प्रति पूरे समाज की कृतज्ञता का प्रतीक भी है।

