इंदौर में ‘TRIPLE T’ अभियान के तहत दूध की त्वरित जांच, रैपिड टेस्टिंग में नहीं मिली मिलावट
पत्रकार :- खुशबू श्रीवास्तव
इंदौर। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा “TRIPLE T – Trust Through Testing” अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत Food Safety on Wheels और Rapid Milk Testing Kit के माध्यम से दूध समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों की मौके पर ही जांच की जा रही है।
इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न दूध विक्रेताओं और डेयरी प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर दूध की Spot Testing की। श्री कृष्णा दूध डेयरी, वृंदावन डेयरी, फार्मर्स मिल्ककार्ट, श्री जी दूध डेयरी, कृष्णा मिल्क सेंटर और महावीर दूध डेयरी सहित कई प्रतिष्ठानों पर दूध की जांच की गई। इसके अलावा 8 से 10 फेरी विक्रेताओं के दूध की भी मौके पर जांच हुई।
विभाग के अनुसार प्रथम दृष्टया की गई Rapid Testing में जांच किए गए दूध में किसी प्रकार की मिलावट सामने नहीं आई। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया कि रैपिड टेस्ट प्राथमिक जांच होती है और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार नमूनों का विस्तृत प्रयोगशाला परीक्षण भी कराया जा सकता है।
अभियान का उद्देश्य केवल जांच और कार्रवाई तक सीमित नहीं है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा गुणवत्ता संबंधी कमियों की पहचान कर उनमें सुधार करवाने के साथ ही खाद्य कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
TRIPLE T अभियान का संदेश है—
“जांच से गुणवत्ता, गुणवत्ता से विश्वास।”

