गर्मी से मिलेगी राहत, पर आफत बनकर आएगी आंधी-बारिश; IMD ने जारी किया 19 राज्यों में चेतावनी का बुलेटिन
नई दिल्ली। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से झुलस रहे उत्तर और मध्य भारत के लिए राहत की बूंदें आखिरकार गिरनी शुरू हो गई हैं। वहीं, दक्षिण भारत में मॉनसून ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए लेटेस्ट बुलेटिन के अनुसार, आने वाले 13 से 24 घंटों के भीतर देश के मौसम में बहुत बड़े और नाटकीय बदलाव देखने को मिलेंगे। एक ओर जहां केरल में मॉनसून की मूसलाधार बारिश रफ्तार पकड़ रही है, वहीं दिल्ली, यूपी और बिहार समेत 17 राज्यों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले खतरनाक तूफान, आंधी और भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी की गई ताजा प्रेस रिलीज और बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 4 जून 2026 को केरल में दस्तक दे दी थी और अब यह बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है। मॉनसून ने केरल के लगभग सभी हिस्सों को कवर कर लिया है और अब यह तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर चुका है।
वर्तमान स्थिति: 6 जून 2026 तक मॉनसून केरल और लक्षद्वीप को पूरी तरह कवर करते हुए कर्नाटक, तमिलनाडु, और गोवा के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। इसके साथ ही यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई नए हिस्सों तक पहुंच गया है।
आगे का अनुमान: मौसम विभाग के अनुसार, परिस्थितियाँ बेहद अनुकूल बनी हुई हैं। यह जल्द ही आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय, त्रिपुरा आदि) को अपने आगोश में ले लेगा। अगले 7 दिनों तक केरल और कर्नाटक में कई जगहों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक की 'अति भारी' बारिश की चेतावनी दी गई है।
IMD ने चेतावनी दी है कि एक पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने के कारण देश के 19 राज्यों में मौसम बिगड़ेगा। इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और वज्रपात (बिजली गिरने) की भी आशंका है।
प्रभावित होने वाले मुख्य राज्य हैं: उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और असम में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। पूर्वी राज्यों में विशेष रूप से वज्रपात (बिजली गिरने) की बड़ी आशंका जताई गई है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

