अफवाह बनाम हकीकत: महलगुलारा स्कूल में गरिमा के साथ हुआ था झंडावंदन, सरपंच और जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद
प्राचार्य की दो टूक: "हाई स्कूल में मैंने और माध्यमिक शाला के शिक्षक ने किया ध्वजारोहण, शिकायतकर्ता को नहीं थी पूरी जानकारी"
महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
बुरहानपुर जिले में शासकीय स्कूल में राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण न किए जाने की खबरों ने बीते दिनों समाचार पत्र में प्रकाशित हुई थी। एक अखबार में प्रकाशित खबर में दावा किया गया था कि स्कूल में झंडावंदन नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। हालांकि, अब संस्था के प्रभारी प्राचार्य ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।
क्या है पूरा सच?
शासकीय एकीकृत शाला, महलगुलारा के प्रभारी प्राचार्य उखर्डू मोरे से जब मीडिया ने सवाल जवाब किए तब वास्तविक स्थिति स्पष्ट हुई। उन्होंने बताया कि प्रकाशित खबर सत्यता से परे है। प्राचार्य के अनुसार, राष्ट्रीय पर्व को पूरी गरिमा और नियमों के तहत मनाया गया था।
प्राचार्य मोरे ने जानकारी दी कि कार्यक्रम को दो भागों में विभाजित किया गया था:
हाई स्कूल: ध्वजारोहण का मुख्य कार्यक्रम हाई स्कूल भवन में स्वयं प्राचार्य उखर्डू मोरे मोरे द्वारा संपन्न किया गया।
महलगुलारा स्कूल: वहीं, महलगुलारा स्थित स्कूल परिसर में उनके अधीनस्थ माध्यमिक शिक्षक रतनलाल राठौर ने ध्वजारोहण किया।
इस दौरान गांव के सरपंच, उप-सरपंच, जनपद सदस्य और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे, जिनकी उपस्थिति में कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
क्यों हुई सीएम हेल्पलाइन में शिकायत?
जब प्राचार्य से इस मामले में सीएम हेल्पलाइन पर हुई शिकायत के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे 'संवादहीनता' और 'जानकारी का अभाव' बताया।
प्राचार्य ने कहा, "ग्रामीणों और शिकायतकर्ता को लगा कि मुझे (मोरे सर को) महलगुलारा स्कूल में उपस्थित होना चाहिए था। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि मैं हाई स्कूल में ध्वजारोहण कर रहा हूँ। मेरी अनुपस्थिति को उन्होंने कार्यक्रम न होना समझ लिया और आवेश में आकर शिकायत कर दी।"
विवाद का अंत
प्राचार्य ने बताया कि शिकायतकर्ताओं से बात करने पर उन्होंने भी स्वीकार किया कि उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी, जिस कारण यह गलतफहमी पैदा हुई। प्रभारी प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि स्कूल प्रबंधन राष्ट्रीय प्रतीकों और पर्वों का सर्वोच्च सम्मान करता है और भविष्य में भी ऐसे आयोजन पूरी निष्ठा के साथ किए जाएंगे।
शिकायतकर्ता तरुण चौकसे ने बताया कि मोरे सर महल गुराड़ा स्कूल के भी प्रिंसिपल हैं इसलिए उन्होंने यहां पर भी उपस्थित होना था

