सूक्ष्म देहरूपी यंत्र के उचित संचालन की युक्ति सिखाता है सहजयोग
श्री माताजी प्रणित सहज योग ध्यान पद्धति आज के घोर कलयुग की कड़ी धूप में शीतल छाया के समान एक प्रेममयी उपहार के समान है। आज के समय में जीवन को शीतलता प्रदान कर संतुलित व आनंदमय बनाने वाली वैज्ञानिक ध्यान योग पद्धति है सहजयोग। सहज योग में जब साधक को आत्म साक्षात्कार प्राप्त होता है तो उसके पिंड में स्थित शक्ति सभी सूक्ष्म चक्रों को भेदती हुई सहस्रार लांघ जाती है। इसे योग घटित होना कहते हैं। यह कोई मानसिक घटना नहीं है अपितु साधक इस शक्ति को अपने उंगलियों के पोरों तथा सहस्रार पर अनुभव करता है। योग का दूसरा अर्थ है युक्ति।
परम पूज्य श्री माताजी कहते हैं कि भगवान ने आपको यह सुंदर मानवीय देह प्रदान की है और आपने इस बहार समय में जन्म लिया है। आत्मसाक्षात्कार प्राप्त करने के पश्चात आप जान जाते हैं कि इस मानवीय सूक्ष्म यंत्र को कितनी गहनता से संभालना है।इस तथ्य को समझने के लिए श्री माताजी हमें कार का उदहारण देते हुए कहते हैं कि मान लीजिए आपको एक कार दे दी जाए उसकी पूरी मशीनरी आपके सामने हो लेकिन यदि आपको कार चलाना नहीं आता तो आप उसे चला नहीं सकते। वह आपके लिए निरर्थक हो जाएगी। और यदि आप जबरन कुछ करने की कोशिश करेंगे तो संभव है कि कार को ही खराब कर दें। इसी प्रकार परमात्मा से योग के बिना यदि आप उसके नाम पर कुछ भी करें वह सब कृत्रिम ही है।
इसलिए देहरूपी यंत्र को संभालने के लिए युक्ति व कौशल सीखना आवश्यक है। इसका पहला चरण है कुंडलिनी का अंकुरित होना, उसका जागरण तथा सहस्रार का भेदन । दूसरा चरण होता है इस जागृति को स्थिर करना तथा इसे उच्च चेतना में स्थापित करना। कुंडलिनी जागरण के पश्चात दूसरा चरण कुछ सरल हो जाता है। जो जागृत हो चुका है तथा उसे अपनी इस जागृति के प्रति सच्ची भक्ति हो, यह वास्तविक समझ हो कि वह एक मूल्यवान व्यक्तित्व है । वह इस पृथ्वी पर अपना अमूल्य जीवन व्यर्थ गंवाने के लिए नहीं आया है बल्कि एक विशेष उद्देश्य के लिए आया है। ऐसे साधक स्वयं को पूर्ण रूप से योग की कला में पारंगत होने के लिए समर्पित कर देते हैं। प्रतिदिन के नियमित ध्यान द्वारा वे स्वयं को सुषुम्ना मार्ग पर लाने व इस आनंद मार्ग पर स्थिर व स्थित होने की युक्ति सीख जाते हैं। सहजयोग के माध्यम से अपने सूक्ष्म यंत्र को चलाने की निपुणता प्राप्त करने के लिए अधिक जानकारी टोल फ्री नंबर 18002700800 अथवा यूट्यूब चैनल लर्निंग सहजयोगा से प्राप्त कर सकते हैं।

