सहज योग: आत्मिक उन्नति का मार्ग

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नियमित ध्यान आत्मिक प्रगति का आधार है। यदि हम ध्यान नहीं करते, तो अपने भीतर विद्यमान शक्ति, शांति और आनंद का वास्तविक अनुभव नहीं कर पाते। सहज योग हमें स्वयं को जानने तथा अपनी कुंडलिनी की जागृति और उसकी शीतल स्पंदनों को अनुभव करने का अवसर प्रदान करता है।
हमें आलस्य और आत्म-संतोष को त्याग कर निरंतर आत्मचिंतन एवं आत्म-सुधार की ओर अग्रसर रहना चाहिए। दूसरों की कमियाँ देखने या उनके विषय में नकारात्मक बोलने के बजाय हमें अपने व्यक्तित्व को निखारने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि हम सभी एक ही परम चेतना के अभिन्न अंग हैं।
सहज योग प्रेम, एकता और सामूहिकता का मार्ग है। जब हम मिलकर सकारात्मक भाव और निर्मल हृदय से कार्य करते हैं, तब कठिन से कठिन कार्य भी सहज हो जाते हैं। इसलिए हमें एक-दूसरे का सम्मान करना, सहयोग करना तथा सदैव मधुरता और विनम्रता बनाए रखना चाहिए। यही एक सच्चे साधक और संत के गुण हैं।
आइए, इन अनमोल आध्यात्मिक गुणों का अनुभव करें और अपनी आत्मा का योग परमात्मा से स्थापित करें। सहज योग पूर्णतः एवं सदैव निःशुल्क है।
अपने आत्म-साक्षात्कार की प्राप्ति हेतु आप अपने नज़दीकी सहज योग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल-फ्री नंबर 1800 2700 800 से प्राप्त कर सकते हैं।

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