मध्यप्रदेश के बस्ते से निकला संघ का हीरा, मामा का करिश्मा: एक युग, एक पहचान

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प्रवेश सिंह
मेरी उम्र और मेरे लहजे के हिसाब से जिनसे आपको मुलाकात करवा रहा हूं, वो शख्सियत मामा या भाई के नाम से पूरे खेमे में जानी जाती है। बात हो रही है शिवराज सिंह चौहान की, जो बने तो एक एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री, लेकिन मध्यप्रदेश की राजनीति को ऐसा क्या पता था कि जिनके नाम से वो अनजान थे, वही उनका भविष्य गढ़ेंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना से लेकर हर वह काम किया, जो प्रदेश की जनता की महत्वाकांक्षा थी। खासकर, माता-बहनों के लिए वे सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि रोल मॉडल बन गए। कहते हैं, आरोप-प्रत्यारोप भी उसी पर लगते हैं, जिसकी छवि बेदाग हो—शिवराज पर भी व्यापम जैसे बड़े आरोप लगे, लेकिन वे हमेशा साफ-सुथरी छवि के साथ आगे बढ़ते रहे।
मध्यप्रदेश की तक़दीर बदलने वाले मामा
आज अगर प्रदेश हर गांव तक बिजली पहुंचाने में सफल हुआ है, तो यह शिवराज सिंह की विकासशील सोच का ही नतीजा है। जब दिग्विजय सिंह की सरकार में हर रात बिजली गुल हो जाना आम बात थी, तब शिवराज ने "हर घर रोशन" का सपना साकार किया।
आज भी जो सूबे के मुख्यमंत्री हैं, वो भी मानते हैं कि शिवराज सिंह जैसा प्रखर व्यक्तित्व मिलना मुश्किल है।
मामा: हर दिल अज़ीज़
चाहे रंज-ओ-ग़म का मौका हो या खुशियों का जश्न, मामा हर दिल पर राज करते हैं।
चाहे कोई 18 साल का नौजवान हो या 80 साल का बुजुर्ग, शिवराज हर वर्ग के प्रिय हैं।
शिवराज सिंह को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं
आज जब प्रदेश उनके जन्मदिन पर उन्हें याद कर रहा है, तो हम भी उनके जनसेवा के संकल्प को नमन करते हैं।
गोपाल गावंडे जी के नेतृत्व में पूरे रणजीत परिवार की तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं!
"आप निरंतर किसानों, गरीबों और मध्यप्रदेश की सेवा में लगे रहें, यही हमारी कामना है।"
— रणजीत टाइम्स परिवार

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