सऊदी की दोटूक: ईरान को साफ संदेश- 'शांति चाहते हैं, लेकिन ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो देंगे करारा जवाब'
नई दिल्ली. अमेरिका और ईरान में जारी युद्ध के बीच सऊदी अरब ने तेहरान को साफ संदेश दिया है कि वह तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन अगर सऊदी अरब या उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहे तो वे जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे. सऊदी अरब की तरफ से यह मैसेज उस बयान से पहले दिया गया था जिसमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने खाड़ी देशों से माफी मांगी थी.
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का कहना था कि ईरान की सैन्य कार्रवाई से पड़ोसी देशों में जो नुकसान हुआ, उसके लिए उन्हें खेद है. इसे क्षेत्र में बढ़ते गुस्से को शांत करने की कोशिश माना जा रहा था. हालांकि, उनके इस बयान पर नए अंतरिम शासन के बीच दरार पैदा हो गई. आईआरजीसी से लेकर अन्य धार्मिक नेता उनके विरोध में गए. बाद में राष्ट्रपति पेजेशकियान को अपना बयान वापस लेना पड़ा.
रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि दो दिन पहले सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की थी. सूत्रों के अनुसार इस बातचीत में सऊदी अरब ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी. प्रिंस फैसल ने कहा था, "सऊदी अरब तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की हर कोशिश का समर्थन करता है."
साभार आज तक

