बिहार में बड़ा राजनीतिक उलटफेर: नीतीश कुमार के इस्तीफे की चर्चा के बीच बेटा निशांत बनेगा उपमुख्यमंत्री, जदयू विधायक का दावा
पटना। बिहार में निशांत कुमार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। इस बीच जनता दल (यू) के विधायक हरिनारायण सिंह ने शनिवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राज्य में बनने वाली नयी सरकार में पार्टी प्रमुख के बेटे निशांत को उपमुख्यमंत्री बनाने का ''सर्वसम्मति'' से निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले एवं नालंदा जिले के हरनौत से विधायक हरिनारायण सिंह ने यह भी दावा किया कि निशांत अगले महीने राज्य विधान परिषद के लिए निर्वाचित होंगे।
जद (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद छोड़ने और राज्यसभा जाने के अपने निर्णय के बारे में अपने सहयोगियों को जानकारी देने के एक दिन बाद सिंह ने यहां एक निजी समाचार चैनल को बताया, ''कल मुख्यमंत्री के आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में, नयी सरकार में निशांत को उपमुख्यमंत्री बनाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।''
जद (यू) विधायक हरिनारायण सिंह ने कहा, ''यह भी निर्णय लिया गया कि निशांत औपचारिक रूप से जद (यू) में शामिल होंगे। चूंकि एक संवैधानिक पद संभालने के लिए उन्हें विधानमंडल का सदस्य बनना आवश्यक है, इसलिए अप्रैल में नौ सीट के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में वह विधान परिषद के लिए निर्वाचित होंगे। जरूरी नहीं है कि वह अपने पिता के इस्तीफे के बाद खाली होने वाली सीट से चुनाव लड़ें।''
हरिनारायण सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा, ''यह स्पष्ट नहीं है कि निशांत नयी सरकार बनने के तुरंत बाद उपमुख्यमंत्री बनेंगे या कुछ समय बाद। यह फैसला शीर्ष नेतृत्व द्वारा उचित समय पर लिया जाएगा। मैं इन अटकलों के बारे में कुछ नहीं कह सकता कि जद(यू) दो उपमुख्यमंत्री बनाये जाने पर जोर देगी। कल केवल निशांत के बारे में ही फैसला लिया गया।''
बता दें कि निशांत का राजनीति में प्रवेश का निर्णय उनके पिता के पद छोड़ने के निर्णय के कुछ दिनों बाद हुआ है। नीतीश कुमार "वंशवादी राजनीति" के मुखर आलोचक के रूप में जाने जाते हैं और जिन्होंने लगातार पांचवें कार्यकाल के लिए शपथ लेने के चार महीने से भी कम समय के भीतर पद छोड़ने का फैसला किया। ऐसी अटकलें हैं कि मुख्यमंत्री का पद अब बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा को मिलेगा और जद(यू) गृह मंत्रालय के महत्वपूर्ण प्रभार के साथ दो उपमुख्यमंत्री बनाये जाने पर जोर दे सकती है, जो वर्तमान व्यवस्था का पूर्ण उलट होगा। दो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भाजपा से हैं, जबकि गृह मंत्रालय का प्रभार चौधरी के पास है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

