पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार के सचिव ने किया ‘‘दूध पाउडर प्लांट’’ इंदौर का भ्रमण

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‘‘इन्दौर सहकारी दुग्ध संघ’’ मे 76.50 करोड़ की लागत से बनाया गया प्रतिदिवस 30 मेट्रिक टन क्षमता वाला संयंत्र
पत्रकार खुशबू श्रीवास्तव
भोपाल। पशुपालन और डेयरी विभाग भारत सरकार के सचिव श्री नरेश पाल गंगवार ने भारत सरकार की नेशनल प्रोग्राम फार डेयरी डेवलपमेंट योजना के घटक ‘‘सहकारी समितियों के माध्यम से डेयरी’’ के अंतर्गत इंदौर सहकारी दुग्ध संघ में निर्मित ‘‘दूध पाउडर प्लांट’’ का भ्रमण 19 दिसंबर 2025 को किया। श्री गंगवार ने स्काडा स्वचलित आधुनिक संयंत्र की सराहना की। श्री गंगवार को संयंत्र विशेषज्ञ द्वारा अवगत कराया गया कि संयंत्र के संचालन से अधिक से अधिक मात्रा मे किसानो से दूध क्रय किया जा सकेगा तथा अतिषेष दूध का निस्तारण भी होगा, जिससे दुग्ध उत्पादक किसानो की आय मे वृद्वि होगी। भ्रमण के दौरान एमपीस्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (एमपीसीडीएफ) भोपाल के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी, दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बलवीर शर्मा सहित संयंत्र विशेषज्ञ दल साथ रहा। उल्लेखनीय है कि इन्दौर सहकारी दुग्ध संघ के 30 मेट्रिक टन प्रतिदिवस क्षमता के पाउडर प्लांट का वर्चुअल उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 11 अक्टूबर 2025 को कृषि विज्ञान परिसर, पूसा, नई दिल्ली से किया गया था।

भारत सरकार की सहायता से संयंत्र का निर्माण
भ्रमण के दौरान सचिव श्री गंगवार को अवगत कराया गया कि ‘‘दूध पाउडर प्लांट’’ परियोजना की कुल लागत 76.50 रूपए करोड है। जिसमे रू. 29.50 करोड एनडीडीबी के माध्यम से एनपीडीडी कॉमपोनेन्ट-बी, डीटीसी-जापान इंटरनेशनल कार्पोरेशन एजेन्सी, भारत सरकार की योजना के द्वारा सहायता प्रदान की गई तथा शेष राशि इन्दौर सहकारी दुग्ध संघ के स्वयं के स्त्रोत से की गई है। संयंत्र की स्थापना का कार्य भारत सरकार की कंपनी मेसर्स हिंदुस्तान मशीन टूल्स से कराया गया। इस संयंत्र के माध्यम से होल मिल्क पाउडर, स्किम मिल्क पाउडर तथा डेरी व्हाईटनर इत्यादि निर्मित किए जाएंगे। यह भी अवगत कराया कि यह दूध पाउडर संयंत्र, स्काडा (प्लांट पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण) स्वचलित है, यह कंप्यूटर आधारित प्रणाली है जिसका उपयोग औद्योगिक उपकरणों और प्रक्रियाओं की निगरानी करने, डेटा एकत्र करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। जिसमे प्रतिदिन 03 लाख लीटर दूध से लगभग 30 मेट्रिक टन प्रतिदिवस दुग्ध चूर्ण का निर्माण किया जावेगा। फ्लश सीजन में प्रतिदिन अतिशेष रहने वाले दूध का पूर्ण उपयोग किया जावेगा। 

दुग्ध सहकारी समिति पंच पिपलाई पहुंचे
श्री गंगवार ने उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ की दुग्ध सहकारी समिति पंच पिपलाई (1977 से संचालित) का भ्रमण  किया। उन्होंने समिति सदस्यों से दुग्ध उत्पादन में बढोत्तरी करने, डेयरी व्यवसाय को अधिक से अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया। समिति सदस्यों ने उचित दाम पर दूध क्रय करने, दूध का भुगतान (माह में तीन बार) नियमित होने और दुग्ध समितियों को सहकारिता से जोडने के प्रयास पर सांची परिवार के सहयोग की सराहना की तथा सांची द्वारा नए-नए नवाचारों के माध्यम से डेयरी व्यवसाय को भी बढावा देने पर सांची का धन्यवाद देते हुए कहा कि हम सभी किसानों का सांची से एक मजबूत रिश्ता बन गया है। श्री गंगवार ने किसानों का सांची के प्रति आत्मविश्वास देखकर प्रशन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर एमपीसीडीएफ भोपाल के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी, उज्जैन सहकारी दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री धनराज खत्री सहित संघ का फील्ड ऑपरेशन अमला, समिति सचिव श्री पोप सिंह मौजूद रहे । 
एआई से पैदा हुई बछिया को देखा
श्री गंगवार ने दुग्ध सहकारी समिति पंच पिपलाई में एक किसान के घर पर भी पहुंचे और वहां पर सेक्सड सॉटेंड सीमेन तकनीक (एआई) से पैदा हुई स्वस्थ बछिया को देखकर प्रशन्नता व्यक्त की तथा दुग्ध समृद्धि अभियान के बारे में जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने पंच पिपलाई गांव के किसानों को दुग्ध उत्पादन बढाने की वैज्ञानिक तकनीक से अवगत कराया और कृत्रिम गर्भाधान द्वारा नस्ल सुधार, सेक्सड सॉटेंड सीमेन तकनीक की जानकारी, संतुलित पशु पोषण सहित पशुओं को बीमारियों से बचाव एवं टीकाकरण की जानकारी से अवगत कराया। इस अवसर पर पशुपालन विभाग मध्यप्रदेश के डायरेक्टर श्री पीएस पटेल सहित विभागीय अमला भी साथ रहा।

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