श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की....!
श्री भागवत भगवान की है, आरती पापियों के पाप से है तारती...!
हाटपीपल्या । ग्राम बामनी मैं चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिन पुंजापूरा से पधारी सुश्री पूजा शर्मा ने भरत जी के चरित्र को सुनाते है, भरत शत्रुघ्न संवाद सुनाया और कहा कि संसार में रहते हुए भगवान का भजन करना चाहिए ! संसार की वस्तुओं में आसक्ती नहीं रखना चाहिए ! साथ ही समुद्र मंथन, कच्छप अवतार, मोहिनी अवतार, असुर देवताओं ने समुद्र मंथन किया उसका वृतांत उसमें से निकला हुआ भगवान शिव ने धारण किया ! महालक्ष्मी जी ने भगवान विष्णु को वरण किया इस प्रकार से अनेकों कथाओं का वर्णन करते हुए सूर्यवंश, चंद्रवंश का वर्णन किया और भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाते हुए भक्तों का मार्गदर्शन किया ! और बताया कि कथा का अमृत पान करने से जन्म, मृत्यु, दुख, सुख के भय से छुटकारा मिलता हैं, देवताओं ने जो अमृत पिया उस अमृत को पीने से जन्म मृत्यु का भय से छुटकारा नहीं मिलता हैं, परंतु श्रीमद् भागवत पुराण की कथा का श्रवण अमृत से भी सर्वश्रेष्ठ हैं!
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से ढोल ढमाकों के साथ नाचते गाते भगवान श्री कृष्ण जी का जन्मोत्सव सैकड़ों की संख्या में महिला पुरुष बच्चों के साथ नृत्य कीर्तन करते हुए कथा स्थल आऐ । जन्मोत्सव मनाया और सभी श्रद्धालु भक्तों को माखन, मिश्री और पंचमेवा का प्रसाद वितरित किया गया !
भागवत कथा की आरती में सैकड़ों महिलाएं पुरुष उपस्थित थे।