सिया-चेतन-केतन केस: जांच में रोज नए खुलासे, पुलिस जुटा रही डिजिटल और फोरेंसिक सबूत
पुणे | रणजीत टाइम्स
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस का दावा है कि मंगेतर सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी की भूमिका से जुड़े कई महत्वपूर्ण डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य सामने आए हैं, जबकि बचाव पक्ष इन आरोपों को अदालत में चुनौती दे रहा है।
जांच के दौरान पुलिस ने लोहागढ़ किले पर घटनास्थल का रीक्रिएशन कराया। डमी का उपयोग कर घटना के क्रम को समझने का प्रयास किया गया तथा चेतन की गतिविधियों के विश्लेषण के लिए तकनीकी जांच भी की गई।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के बाद कुछ समय तक केतन अग्रवाल का मोबाइल फोन सिया गोयल के पास क्यों रहा और क्या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ या डिजिटल साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।
इस बीच मीडिया में एक कैफे का वीडियो और कुछ अन्य वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें जांच एजेंसियां सत्यापित कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि इन सामग्रियों की फोरेंसिक जांच के बाद ही उनकी कानूनी प्रासंगिकता तय होगी।
वहीं, बचाव पक्ष का कहना है कि चेतन चौधरी के खिलाफ प्रत्यक्ष साक्ष्य पर्याप्त नहीं हैं और अंतिम निर्णय अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
रणजीत टाइम्स: मामले की जांच जारी है। सभी आरोप फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अंतिम निष्कर्ष अदालत के निर्णय के बाद ही माना जाएगा।

