महिला पत्रकारों पर हुए अमानवीय हमले की घोर निंदा एवं दोषी पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
कटनी से जिला ब्यूरो नवल किशोर
मध्य प्रदेश जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजिस्टर्ड) दिल्ली के साकेत पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिस अधिकारियों (जिनमें स्टेशन हाउस ऑफिसर भी शामिल हैं) द्वारा स्वतंत्र महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान पर किए गए बर्बर हमले की घोर निंदा करती है।
ये दोनों महिला पत्रकार साकेत के मैक्स हॉस्पिटल में गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा एक नए विंग के शुभारंभ की कवरेज कर रही थीं। इस दौरान साकेत पुलिस स्टेशन के कुछ पुलिसकर्मियों ने पहले मौके पर ही दोनों महिला पत्रकारों के साथ मारपीट की, उन्हें घसीटकर पुलिस गाड़ी में डाला और साकेत पुलिस स्टेशन ले गए। स्टेशन पहुंचने पर SHO के निर्देश पर उन्हें एक कमरे में ले जाया गया, जहां महिला अधिकारी की उपस्थिति में भी उन्हें पीटा गया। उनकी धार्मिक पहचान पूछकर धर्म के आधार पर गालियां दी गईं और FIR दर्ज करने की धमकी भी दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दोनों पत्रकारों के शरीर पर कई चोटें और घाव साफ दिख रहे हैं।
यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है तथा महिला पत्रकारों की गरिमा और सुरक्षा के खिलाफ घोर अपराध है। मध्य प्रदेश जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजिस्टर्ड) दिल्ली पुलिस कमिश्नर श्री अनुराग कुमार से मांग करती है कि इस घटना में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तुरंत निष्पक्ष जांच शुरू की जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
हम राष्ट्रीय महिला आयोग और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से भी अपील करते हैं कि वे इस मामले का स्वतः संज्ञान लें और हिंसक तरीके से प्रेस की आज़ादी को दबाने का प्रयास करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करें।
मध्य प्रदेश जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया (रजिस्टर्ड) सभी पत्रकार संगठनों से आह्वान करती है कि वे इस अमानवीय घटना के खिलाफ एकजुट हों और पत्रकारों की सुरक्षा तथा प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए आवाज़ उठाएं।

