ब्राह्मणपीपलिया में भूमाफियाओं का आतंक, प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अवहेलना

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पत्रकार खुशबू श्रीवास्तव
(ग्राम ब्राह्मणपीपलिया, तहसील सांवेर)
खड़ी फसल नष्ट, कैमरे तोड़े, साम्प्रदायिक तनाव फैलाने का आरोप — पुलिस पर संरक्षण देने के गंभीर आरोप
इंदौर जिले की सांवेर तहसील के ग्राम ब्राह्मणपीपलिया में वर्षों पुरानी कृषि भूमि को लेकर विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। प्रार्थीगण ने कलेक्टर इंदौर को विस्तृत शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि अपर कलेक्टर एवं एसडीएम सांवेर के स्पष्ट आदेशों के बावजूद दबंग भूमाफियाओं द्वारा खेत का जबरन रूप परिवर्तन कर फसलें नष्ट की जा रही हैं, कैमरे तोड़े जा रहे हैं और गांव की साम्प्रदायिक शांति बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रार्थीगण के अनुसार, उनकी स्वामित्व व आधिपत्य वाली कृषि भूमि सर्वे नंबर 276 व 277 (ग्राम ब्राह्मणपीपलिया, तहसील सांवेर) पर वे पिछले 54 वर्षों से वैधानिक रूप से काबिज हैं। भूमि उनके पूर्वजों द्वारा रजिस्टर्ड विक्रय पत्रों के माध्यम से खरीदी गई थी और राजस्व रिकॉर्ड में भी उनके नाम दर्ज हैं।
स्टे ऑर्डर का झूठा दावा, लहसुन-गेहूं की फसल तबाह
शिकायत के अनुसार, 9 नवंबर 2025 से 13 दिसंबर 2025 के बीच संतोष सिंह व कमल सिंह सहित अन्य आरोपियों ने 100 से अधिक लोगों के साथ खेत पर धावा बोला। ट्रैक्टरों से लहसुन व गेहूं की खड़ी फसल रौंदी गई, फसल नष्ट करने वाली दवाइयों का छिड़काव किया गया, बोरिंग और कैमरों में तोड़फोड़ की गई तथा किसानों के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
इतना ही नहीं, आरोप है कि खेत में जबरन धार्मिक ढांचा स्थापित करने और टापरी बनाकर वहीं निवास शुरू करने का प्रयास किया गया, जिससे गांव में साम्प्रदायिक तनाव फैलने की आशंका उत्पन्न हो गई है।
पुलिस पर गंभीर आरोप
प्रार्थीगण ने मांगलिया चौकी प्रभारी और शिप्रा थाना प्रभारी पर आरोपियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि बार-बार सूचना देने, लिखित आवेदन और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशों के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
पीड़ित किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि—
अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाए
दोषियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई व एफआईआर दर्ज की जाए
निष्पक्ष जांच किसी अन्य अधिकारी से कराई जाए
किसानों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो गांव की सामाजिक शांति भंग हो सकती है और कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है।

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