रहवासियों के भारी विरोध के आगे झुका मकान मालिक, एयरटेल (Indus) टावर हटाने के लिए लिखा पत्र
सह संपादक दीपक वाड़ेकर
इंदौर। शहर की सिल्वर पार्क कॉलोनी (फेस-1) में घर की छत पर मोबाइल टावर लगाने को लेकर उपजा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। रहवासियों के कड़े विरोध और एकजुटता के बाद अंततः मकान मालिक रामबाबू कटारिया ने बैकफुट पर आते हुए संबंधित कंपनी (Airtel-Indus) को टावर हटाने के लिए लिखित आवेदन दे दिया है।
क्या है पूरा मामला?
सिल्वर पार्क कॉलोनी के मकान नंबर 299 पर बिना किसी वैध एनओसी (NOC) के मोबाइल टावर खड़ा कर दिया गया था। जैसे ही रहवासियों को इसकी भनक लगी, उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी खतरों और रेडिएशन का हवाला देते हुए मोर्चा खोल दिया। रहवासियों का आरोप है कि यह टावर न तो ग्राम पंचायत से स्वीकृत है और न ही रहवासी संघ से इसके लिए कोई अनुमति ली गई है।
मकान मालिक ने दी 'नुकसान' की चेतावनी
भारी विरोध प्रदर्शन के बीच मकान मालिक रामबाबू कटारिया ने इंडस टावर के मैनेजर को पत्र लिखकर कहा है कि— "कॉलोनीवासियों के विरोध और रेडिएशन के डर के कारण मैं अब इस टावर को लगवाने के पक्ष में नहीं हूँ। इसे तुरंत हटाया जाए। यदि भविष्य में टावर या उसके सामान को कोई नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी मेरी नहीं होगी।"
सरपंच की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में स्थानीय सरपंच सत्यनारायण बोड़ाना की भूमिका को लेकर भी रहवासियों में काफी आक्रोश देखा गया।
अनुपस्थिति: रहवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें कई बार फोन किया गया और मौके पर बुलाया गया, लेकिन वे नहीं आए।
सरपंच का पक्ष: जब पत्रकार ने सरपंच से इस बारे में बात की, तो उन्होंने 'व्यस्तता' का बहाना बनाया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत द्वारा टावर के लिए कोई एनओसी जारी नहीं की गई है।
नोटिस का ड्रामा: सरपंच ने दावा किया कि उन्होंने मकान मालिक को नोटिस जारी किया था, लेकिन "गलत नंबर" डल जाने के कारण वह रिसीव नहीं हुआ और अब दोबारा भेजा गया है।
रहवासी संघ ने दी चेतावनी
सिल्वर पार्क रहवासी रखरखाव संस्था के अध्यक्ष कैलाश बाथम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षरित आवेदन जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को सौंपे हैं। रहवासियों का साफ कहना है कि रिहायशी इलाके में इस तरह के व्यावसायिक और रेडिएशन वाले टावर किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

