पिछोर क्षेत्र की जनसमस्याओं को लेकर लोधी समाज ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन में निराकरण की मांग

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हेमंत भार्गव शिवपुरी जिला ब्यूरो 
रणजीत टाईम्स न्यूज

पिछोर, शिवपुरी। पिछोर विधानसभा क्षेत्र की ज्वलंत जनसमस्याओं को लेकर लोधी समाज पिछोर ने मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पिछोर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में क्षेत्र में व्याप्त अवैध शराब, अपराध, भ्रष्टाचार से लेकर किसानों और छात्रों तक की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। समाज ने प्रशासन को 15 दिन के भीतर सभी समस्याओं के निराकरण की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर शिवपुरी, पुलिस अधीक्षक शिवपुरी और एसडीओपी पिछोर को भी भेजी गई है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान लोधी समाज पिछोर के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछोर क्षेत्र में लंबे समय से कई समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रशासनिक उदासीनता के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 

कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, अवैध शराब और अपराधों पर रोक की मांग

ज्ञापन में सबसे गंभीर मुद्दा क्षेत्र की बिगड़ती कानून व्यवस्था को बताया गया है। लोधी समाज का कहना है कि पिछोर के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब की बिक्री खुलेआम हो रही है। गांव-गांव में अवैध शराब के अड्डे संचालित हो रहे हैं, जिससे युवा वर्ग नशे की लत का शिकार हो रहा है और गांवों का सामाजिक माहौल खराब हो रहा है। प्रशासन और आबकारी विभाग इस पर आंखें मूंदे बैठा है।

इसके साथ ही लूट-पाट और चोरी की घटनाओं में भी लगातार वृद्धि हो रही है। किसान रात-रात भर जागकर अपनी फसलों और घरों की रखवाली करने को मजबूर हैं। समाज ने मांग की है कि पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि विधानसभा क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार अशांति फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे तत्व गांवों में भय का माहौल बना रहे हैं, जिस पर तत्काल अंकुश लगाना जरूरी है।

सोशल मीडिया पर जातिगत वैमनस्य फैलाने वालों पर कार्रवाई की मांग

लोधी समाज ने ज्ञापन में एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा भी उठाया है। समाज का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के माध्यम से जातिगत वैमनस्य और नफरत फैलाई जा रही है। जानबूझकर विशेष जाति को टारगेट कर अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे समाज में तनाव की स्थिति पैदा हो रही है। प्रशासन से मांग की गई है कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

महोली घटना का जिक्र, आरोपियों पर कार्रवाई की मांग

ज्ञापन में चंदेरी विधानसभा के ग्राम महोली में हाल ही में हुई घटना का भी जिक्र किया गया है। बताया गया है कि महोली में सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की थी। लोधी समाज ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। समाज का कहना है कि यदि सामाजिक कार्यकर्ता ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा।

सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी का आरोप

ज्ञापन में सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार को भी प्रमुख मुद्दा बनाया गया है। लोधी समाज का आरोप है कि तहसील, जनपद और अन्य सरकारी कार्यालयों में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता। किसानों के नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे राजस्व से जुड़े कामों के लिए महीनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं। अधिकारी-कर्मचारी खुलेआम पैसे की मांग करते हैं।

विशेष रूप से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि नामांतरण, दुरुस्ती और सीमांकन की सैकड़ों फाइलें वर्षों से लंबित पड़ी हैं। गरीब और किसान अपनी फाइलों के लिए कार्यालयों के चक्कर काट-काट कर परेशान हो चुके हैं। मांग की गई है कि पुरानी लंबित फाइलों का 15 दिन के भीतर निराकरण किया जाए और गांव-गांव में शिविर लगाकर मृतक व्यक्तियों के नामांतरण का काम प्राथमिकता से कराया जाए।

उचित मूल्य की दुकानों पर कालाबाजारी और शिक्षा व्यवस्था बदहाल

ज्ञापन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियों को भी उजागर किया गया है। पिछोर विधानसभा क्षेत्र में संचालित उचित मूल्य की कई दुकानों पर राशन की कालाबाजारी का आरोप लगाया गया है। गरीबों के हक का गेहूं, चावल और केरोसिन खुले बाजार में बेचा जा रहा है। कई जगह हितग्राहियों को पूरा राशन नहीं दिया जाता। समाज ने खाद्य विभाग से इन दुकानों की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

इसके अलावा क्षेत्र के शासकीय स्कूलों की जर्जर स्थिति पर भी चिंता जताई गई है। ज्ञापन के अनुसार कई स्कूल भवनों की छतें टपक रही हैं, शौचालय खराब हैं और शिक्षकों की कमी है। शिक्षा विभाग की निगरानी न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशासन से स्कूलों की भौतिक स्थिति सुधारने और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

किसानों के मुद्दे - आवारा पशु, नीलगाय और गौशालाओं की दुर्दशा

किसानों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन में विस्तार से चर्चा की गई है। वर्तमान में पिछोर-खनियांधाना क्षेत्र में आवारा पशुओं और नीलगायों का आतंक चरम पर है। झुंड के झुंड नीलगाय और आवारा पशु किसानों की खड़ी फसलों को चौपट कर रहे हैं। किसान रात भर खेतों में रखवाली करने को मजबूर हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।

वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में संचालित शासकीय गौशालाओं की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। गौशालाओं में न तो पर्याप्त भूसा है और न ही पानी और देखरेख की उचित व्यवस्था। कई गौशालाएं केवल कागजों पर चल रही हैं। लोधी समाज ने मांग की है कि पिछोर-खनियांधाना क्षेत्र की सभी शासकीय गौशालाओं का निरीक्षण कर उन्हें सुचारू रूप से संचालित कराया जाए ताकि आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

15 दिन का अल्टीमेटम

ज्ञापन के अंत में लोधी समाज पिछोर ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। समाज का कहना है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन सभी जनसमस्याओं का निराकरण कर इसकी लिखित जानकारी समाज को नहीं दी गई तो लोधी समाज पिछोर क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान लोधी समाज पिछोर के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पिछोर के विकास और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन से सहयोग की अपील की है।

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