"12 फरवरी को होने वाला था विलय": अजित पवार की मौत के बाद शरद पवार का बड़ा खुलासा

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अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य को लेकर मचे घमासान के बीच शरद पवार ने शनिवार को चुप्पी तोड़ी है। बारामती में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने खुलासा किया कि दोनों गुटों के विलय की तैयारी अंतिम दौर में थी, लेकिन अब उस पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
शरद पवार ने स्वीकार किया कि उनके और अजित पवार के गुट के बीच पिछले चार महीनों से विलय को लेकर बातचीत चल रही थी। उन्होंने बताया कि यह अजित पवार की ही इच्छा थी कि दोनों पक्ष फिर से साथ आएं।
शरद पवार के अनुसार, विलय के लिए 12 फरवरी 2026 की तारीख लगभग तय हो चुकी थी। इस प्रक्रिया में शरद पवार गुट से जयंत पाटिल और खुद अजित पवार सीधे तौर पर बातचीत कर रहे थे। शरद पवार ने अफसोस जताते हुए कहा, "दुर्भाग्य से अजित दादा की मौत ने इस प्रक्रिया को रोक दिया है। ऐसा लगता है कि अब यह प्रक्रिया रुक जाएगी।"
आज शाम 5 बजे होने वाले सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर शरद पवार ने दूरी बनाए रखी। उन्होंने कहा, "मुझे सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। मुझे भी यह समाचारों के माध्यम से ही पता चला है।" उन्होंने संकेत दिया कि यह फैसला अजित पवार गुट के आंतरिक नेताओं (प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे) का है और शायद इसमें महायुति सरकार की जल्दबाजी भी शामिल है।
जब उनसे परिवार में मतभेद के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार संकट की घड़ी में एक साथ है, लेकिन राजनीतिक फैसले मुंबई में लिए जा रहे हैं।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

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