इंदौर में भूमि समाहितकरण संबंधी कलेक्टर के आदेश पर स्थगन की खबर तथ्यहीन
अपर आयुक्त न्यायालय द्वारा कलेक्टर के आदेश पर नहीं जारी किया गया कोई स्थगन
इंदौर। कतिपय समाचार-पत्रों द्वारा इस प्रकार का समाचार प्रसारित किया गया है कि कस्बा इंदौर में स्थित सर्वे नंबर 407/1669/3 रकबा 1.702 हेक्टेयर भूमि क्रिश्चियन मिशनरी को शासन हित में समाहित करने का जो आदेश कलेक्टर जिला इंदौर द्वारा दिनांक 12.01.2026 को दिया गया है, उस पर अपर आयुक्त, न्यायालय, इंदौर द्वारा स्थगन जारी किया गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि इस आदेश पर ऐसा कोई स्थगन अपर आयुक्त, न्यायालय द्वारा जारी नहीं किया गया है। यहां तक कि इस आदेश के विरूद्ध कोई अपील तक अपर आयुक्त, न्यायालय में प्रचलन में नहीं है।
कलेक्टर जिला इंदौर ने अपने आदेश दिनांक 26.12.2025 से इस प्रकरण में प्रतिपरीक्षण हेतु दी गई अनुमति को अस्वीकार करने का आदेश दिया था, जिस पर एक निगरानी प्रकरण अपर आयुक्त, न्यायालय में प्रचलित था। जिसमें सिर्फ प्रतिपरीक्षण के बिंदु पर अनुमति अस्वीकार करने के कलेक्टर जिला इंदौर के आदेश पर स्थगन जारी किया गया था। कलेक्टर द्वारा दिनांक 12.01.2026 को आदेश पारित करते हुए इस भूमि को शासन हित में समाहित करने का आदेश दिया गया। इस आदेश की जानकारी अपर आयुक्त, न्यायालय को दिनांक 27.01.2026 को प्राप्त हुई। कलेक्टर द्वारा प्रकरण का अंतिम रूप से निराकरण किया जा चुका था, अतः यह तथ्य संज्ञान में आने पर अपर आयुक्त, न्यायालय, इंदौर में प्रचलित निगरानी प्रकरण को समाप्त किया जा चुका है। चूंकि कलेक्टर द्वारा जारी आदेश दिनांक 12.01.2026 पर कोई प्रकरण प्रचलित ही नहीं था, इसलिये इन भूमियों को शासन हित में समाहित किये जाने के आदेश पर कोई स्थगन आदि जारी करने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
इस प्रकार इस प्रकरण में कलेक्टर जिला इंदौर के आदेश दिनांक 12.01.2026 पर कोई स्थगन न तो पूर्व में था और न ही वर्तमान मेंहै। दिनांक 12.01.2026 को कलेक्टर द्वारा प्रकरण का अंतिम रूप से निराकरण कर देने पर अपर आयुक्त न्यायालय में प्रचलित निगरानी प्रकरण समाप्त कर दिया गया।

