चित्त की निर्मलता व पवित्रता साधक की साधना को साध्य बनाती है
वर्तमान परिस्थितियों में कभी कभी मन बहुत व्यथित होता है, मन को शांत करना और विचारों में स्थिरता व सकारात्मकता स्थापित करना थोड़ा कठिन जान पड़ता है। विडंबना इस कलियुग की ये है कि इस युग में सबसे ज्यादा अशुद्ध मनुष्य का मन, चित्त व हृदय ही हैं। अनुकूल परिस्थितियां न पाकर सबसे पहले यह मन ही क्रोध से भरता है और नकारात्मक विचारों की उथल-पुथल चित्त को अशांत व गर्म कर देती है। यह परिस्थिति मनुष्य को इतना बैचेन कर देती है कि वह रातों की नींद भी खो बैठता है। धीरे-धीरे शरीर भी रोगग्रस्त होने लगता है। फिर मनुष्य अपनी आदत के अनुसार अपनी गलतियों व दोषों को भगवान अथवा दूसरे लोगों के सर मढ़ने लगता है। अपनी गलतियों के लिए भगवान को कोसने से अच्छा है कि अपने मन को ही शुद्ध बना लिया जाए। पर प्रश्न यह उठता है कि कैसे? जिस समाज में हम रहते हैं वहां का माहौल सदैव आध्यात्मिक, सुखद व सकारात्मक नहीं होता है। इसी कारण मन व चित्त को शुद्ध रख पाना मुश्किल कार्य है। पर इसे संभव बनाया जा सकता है, सहजयोग में नित्य ध्यान व सूक्ष्म चक्रों की जागृति से यह कार्य अत्यंत ही सहज हो जाता है। शुद्ध चित्त से साधक की साधना को बल मिलता है साथ ही मन में उठने वाले विचार शांत हो कर निर्विचारिता की प्राप्ति होती है। क्या आप जानना नहीं चाहेंगे कि चित्त का सहज शुद्धिकरण कैसे होता है? सहजयोग संस्थापिका श्री माताजी निर्मला देवी जी ने स्पष्ट किया है कि, पहला चक्र मूलाधार चक्र है।इस पर श्री गणेश जी की शक्ति कार्य करती है। श्री गणेश हमारे चित्त व विचारों को निर्मल व शुद्ध करते हैं। न केवल विचारों व चित्त को बल्कि वे हमारे चक्रों, नाड़ियों व हृदय को शुद्ध, पवित्र व निर्मल करते हैं। उनकी शक्ति से हम अपने विचारों को साधते हैं। वे हमारे क्रोध को भी शांत करते हैं। मां ने स्वाधिष्ठान चक्र को दूसरा महत्वपूर्ण चक्र बताया है। इस चक्र पर श्री ब्रह्मदेव व श्री सरस्वती की शक्ति कार्य करती है। श्री माताजी ने बताया है कि यह चक्र हमारे विचारों को साधने में सहायक होता है। इस चक्र की सहायता से हम निर्विचारिता को प्राप्त कर सकते हैं। शुद्ध विद्या व परमात्मा को पाने का ज्ञान इस चक्र के शुद्धिकरण से संभव है। हम असीम शक्तियों को धारण किए हुए हैं,बस उन शक्तियों की जागृति हमें आनी चाहिए। आप यह सब सहजयोग ध्यान के माध्यम से बड़ी ही सरलता से कर सकते हैं। इसकी अनुभूति लेने के लिए सहजयोग ध्यान केंद्रों पर जाकर आप अपनी कल्पनाओं को प्रत्यक्ष में बदलते देख सकते हैं।
नजदीकी सहजयोग ध्यान केंद्र से संबंधित जानकारी टोल फ्री नंबर18002700800 अथवा यूट्यूब चैनल लर्निंग सहजयोगा से प्राप्त कर सकते हैं।

