देश में बढ़ेगा 'नारी शक्ति' का दायरा: लोकसभा में होंगी 273 महिला सांसद, संशोधन विधेयक की तैयारी
नई दिल्ली। महिला आरक्षण को लेकर कानून सरकार ने बीते लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पारित किया था, लेकिन अब उसमें संशोधन की तैयारी है। ऐसा इसलिए ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव में इसे लागू किया जा सके। यही नहीं इस संबंध में जल्दी ही संशोधन विधेयक लाया जा सकता है। यदि आने वाले लोकसभा चुनाव में ही महिला आरक्षण को लागू किया गया तो फिर राज्यों में सीटों का समीकरण भी बदलेगा। महिला आरक्षण लागू होने के साथ ही लोकसभा सीटों की संख्या 816 हो सकती है। फिलहाल 543 सीटें हैं। कुल 816 सीटों में से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। अब राज्यों की बात करें तो पहले की तरह ही सबसे ज्यादा लोकसभा सीटें यूपी में होंगी। यहां 120 सांसद चुने जा सकते हैं।
यूपी के ही पड़ोसी राज्य बिहार में सीटों की संख्या 40 से बढ़कर 60 हो सकती है। अब तक 48 सांसद दिल्ली भेजने वाले महाराष्ट्र में लोकसभा सीटों की संख्या 72 हो सकती है। फिलहाल दक्षिण भारत के राज्यों की जो चिंता है कि उनकी सीटें कम हो सकती हैं। उसका भी ध्यान रखा गया है और 2029 के आम चुनाव में 2011 की जनगणना के अनुसार ही सीटों की संख्या तय होगी। इसीलिए अभी जो सीटों का अनुपात है, उसी के मुताबिक सीटें जुड़ेंगी। इस तरह भले ही सीटों की संख्या यूपी, बिहार, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में बढ़ जाएगी, लेकिन उनके अनुपात में कोई बदलाव नहीं आएगा।
जानकारी मिली है कि महिला आरक्षण में संशोधन के लिए सरकार विपक्ष से बात कर रही है। इसकी जिम्मेदारी कई नेताओं के पास है और होम मिनिस्टर अमित शाह ने भी कई विपक्षी दलों से बात की है। सूत्रों का कहना है कि विपक्ष को भरोसा दिया गया है कि 2029 के आम चुनाव में 2011 की जनगणना के अनुसार ही सीट संख्या तय होगी। इसके तहत यूपी की 120 सीटें होंगी और इनमें से 33 फीसदी यानी 40 सीटें महिलाओं के लिए रहेंगी। ऐसे ही महाराष्ट्र में 72 सीटें होंगी और 24 सीटें महिलाओं के लिए रहेंगी। पश्चिम बंगाल की सीटें 42 से बढ़कर 63 हो सकती हैं और इनमें से 21 महिलाओं के लिए रहेंगी। इसी तरह बिहार में महिलाओं के लिए 20 सीटें होंगी।
अब तमिलनाडु की बात करें तो यहां कुल लोकसभा सीटें 39 से बढ़कर 59 हो सकती हैं। इनमें से 20 महिलाओं के लिए रहेंगी। इसी तरह मध्य प्रदेश में 44 सीटें हो सकती हैं और इनमें से 15 महिलाओं के लिए रहेंगी। नए समीकरणों के तहत अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा जैसे छोटे राज्यों की सीटें भी 2 से बढ़कर 3 हो सकती हैं। इनके अलावा मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम में भी दो सीटें हो सकती हैं। फिलहाल इन राज्यों से एक ही सांसद चुना जाता है। ऐसे ही दिल्ली के सांसदों की संख्या 11 हो सकती है, जिनमें से 4 सीटें महिलाओं के लिए रहेंगी। जम्मू-कश्मीर में सीटों की संख्या 5 से बढ़कर आठ हो जाएगी और महिलाओं के लिए तीन सीटें रहेंगी।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

