सहजयोग में निर्विचारिता: तनावमुक्त जीवन की ओर एक सहज मार्ग

  • Share on :

आज के तेज़ रफ्तार और तनावपूर्ण जीवन में मानसिक शांति एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे समय में सहजयोग ध्यान पद्धति लोगों को निर्विचार अवस्था का अनुभव कराकर आंतरिक संतुलन और शांति की दिशा में मार्गदर्शन दे रही है।
     सहजयोग एक अनोखी, सहज और स्वाभाविक ध्यान विधि है, जिसकी स्थापना 1970 में परम पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी ने की। इस पद्धति का मूल सिद्धांत कुंडलिनी जागरण है एक मातृ स्वरूप आध्यात्मिक शक्ति जो प्रत्येक मनुष्य के भीतर सुप्त रूप में विद्यमान रहती है। आत्मसाक्षात्कार की सरल प्रक्रिया द्वारा जब यह शक्ति जागृत होती है, तो यह मध्य नाड़ी से होकर ऊपर उठती है और सातों चक्रों को संतुलित करती है। इसका प्रभाव शरीर, मन और भावनाओं पर स्वाभाविक रूप से दिखाई देता है।
      सहजयोग की विशेष पहचान निर्विचार चेतना (थॉटलेस अवेयरनेस) का अनुभव है। यह ऐसी अवस्था है जिसमें मन शांत हो जाता है, फिर भी व्यक्ति पूर्ण रूप से सजग और वर्तमान में स्थित रहता है। अन्य ध्यान विधियों के विपरीत, इसमें मन को नियंत्रित करने या विचारों को रोकने का प्रयास नहीं करना पड़ता। जागृत कुंडलिनी स्वयं विचारों के स्रोत को शुद्ध कर देती है, जिससे विचार स्वतः शांत हो जाते हैं।
परम पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी ने कहा था, “अब समय आ गया है कि आप सभी आत्मसाक्षात्कार प्राप्त करें, जिससे आपका ध्यान प्रकाशित हो जाए, आपका स्वास्थ्य पूर्णतः ठीक हो जाए और आप वर्तमान में स्थित हो जाएँ।”
नियमित सहजयोग ध्यान से तनाव, चिंता और मानसिक अशांति में कमी आती है। इसके साथ ही एकाग्रता, भावनात्मक संतुलन और शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार देखा गया है। ध्यान करने वाले लोग भीतर की शीतलता, शांति और सहज आनंद का अनुभव करते हैं।आज सहजयोग विश्व के 100 से अधिक देशों में निःशुल्क रूप से उपलब्ध है। यह किसी धर्म, संप्रदाय या विश्वास से जुड़ा नहीं है। किसी विशेष आसन, कठिन अभ्यास या अनुष्ठान की आवश्यकता नहीं होने के कारण यह सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए सरल और सुलभ है।  सहजयोग यह संदेश देता है कि शांति और आनंद बाहर नहीं, बल्कि हमारे भीतर ही निहित हैं ज़रूरत है तो केवल उसे सहज रूप से जागृत करने की। सहज योग  सर्वथा निशुल्क है। अपने नज़दीकी सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 2700 800 से प्राप्त कर सकते हैं।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper