3 साल से चल रहा वेतन विवाद खत्म, आंतरी स्लीपर फैक्ट्री में समझौते से लौटी कामकाज की रफ्तार

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कालीचरण
आंतरी क्षेत्र की स्लीपर फैक्ट्री में लंबे समय से फैक्ट्री प्रबंधन और श्रमिकों के बीच चल रहा वेतन विसंगति का विवाद आखिरकार सुलझ गया। यह मामला पिछले कई वर्षों से श्रमिकों और मालिक पक्ष के बीच तनाव का कारण बना हुआ था, जिसके चलते कामकाज भी प्रभावित हो रहा था और श्रमिकों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा था। जिला रिपोर्टर कालीचरण की पहल पर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान श्रमिकों ने अपनी वेतन संबंधी परेशानियों, काम के घंटे और अन्य सुविधाओं से जुड़ी मांगों को विस्तार से रखा, वहीं फैक्ट्री मालिक ने भी अपनी व्यावसायिक चुनौतियों और परिस्थितियों को सामने रखा। बातचीत का यह दौर काफी समय तक चला, जिसमें दोनों पक्षों को समझाने और संतुलन बनाने का प्रयास किया गया।
अंततः आपसी सहमति के आधार पर एक सकारात्मक समाधान निकलकर सामने आया। फैक्ट्री मालिक श्री हरीश भोजवानी और श्रमिकों के बीच तीन वर्षों के लिए एक सहमति पत्र यानी अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। इस अनुबंध के तहत वेतन विसंगतियों को दूर करने और भविष्य में किसी प्रकार के विवाद से बचने के लिए स्पष्ट शर्तें तय की गई हैं। इस समझौते से लंबे समय से चला आ रहा विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया और फैक्ट्री में सामान्य स्थिति बहाल हो गई है।
समझौते के बाद श्रमिकों के चेहरे पर संतोष नजर आया और उन्होंने इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर श्री राजवीर सिंह गुर्जर, श्री मनोज किरार सहित सभी श्रमिकों ने आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद उनकी समस्याओं का समाधान हुआ है, जिससे अब वे पूरी निष्ठा के साथ अपने काम पर ध्यान दे सकेंगे। इस समझौते को क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है, जहां संवाद और आपसी समझ के जरिए एक जटिल विवाद को सुलझाया गया। इससे न केवल श्रमिकों और प्रबंधन के बीच विश्वास मजबूत हुआ है, बल्कि औद्योगिक माहौल भी बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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