मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना अंतर्गत जिला झाबुआ में सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन 08 मार्च से 12 मार्च 2026
रिपोर्टर :- सलीम हुसैन
झाबुआ। मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत नवीन निर्देश जारी किए गए हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली कन्याओं, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं के विवाह हेतु संभाग एवं जिला स्तर पर सामूहिक विवाह/निकाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। योजनान्तर्गत सामूहिक विवाह सम्मेलन में सम्मिलित किए जाने वाले पात्र विवाह जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 एवं अधिकतम संख्या 200 निर्धारित की गई है।
शासन निर्देशों के अनुक्रम में कलेक्टर नेहा मीना द्वारा जिला झाबुआ में सामूहिक विवाह/निकाह कार्यक्रमों के आयोजन को सुव्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु विभिन्न नगरीय एवं ग्रामीण निकायों में कार्यक्रम की तिथियां निर्धारित करते हुए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि आयोजन की संपूर्ण व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जा सकें।
सामूहिक विवाह/निकाह कार्यक्रम का आयोजन
जिला झाबुआ में सामूहिक विवाह/निकाह कार्यक्रम का आयोजन 08 मार्च 2026 को ग्रामीण एवं नगरीय निकाय पेटलावद के कार्यक्रम स्थल पेटलावद में किया जाएगा, जिसके लिए नोडल अधिकारी के रूप में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत पेटलावद को नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में 09 मार्च 2026 को ग्रामीण एवं नगरीय निकाय मेघनगर एवं थांदला का संयुक्त सामूहिक विवाह कार्यक्रम मेघनगर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें नोडल अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मेघनगर होंगे। इसके पश्चात 11 मार्च 2026 को ग्रामीण एवं नगरीय निकाय रामा एवं राणापुर का सामूहिक विवाह कार्यक्रम रामा में आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए नोडल अधिकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत रामा नियुक्त किए गए हैं। वहीं 12 मार्च 2026 को ग्रामीण एवं नगरीय निकाय झाबुआ का सामूहिक विवाह/निकाह कार्यक्रम झाबुआ में आयोजित किया जाएगा, जिसमें नोडल अधिकारी के रूप में मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत झाबुआ रहेंगे।
पात्रता के मापदण्ड
मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु यह आवश्यक होगा कि वर-वधू अथवा उनके अभिभावक मध्यप्रदेश के मूल निवासी हों। कन्या तथा उसके अभिभावक गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करते हों तथा उनका सत्यापन बीपीएल पोर्टल पर अनिवार्य रूप से किया गया हो। विवाह के लिए निर्धारित वैधानिक आयु पूर्ण होना आवश्यक है, जिसके अंतर्गत कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं पुरुष की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। योजना के अंतर्गत यह भी अनिवार्य किया गया है कि कन्या का पूर्व में विवाह न हुआ हो तथा विवाह मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में ही संपन्न किया जाए।
परित्यक्ता महिलाओं के लिए न्यायालय द्वारा पारित विधिवत तलाक आदेश प्रस्तुत करना आवश्यक होगा, वहीं विधवा महिलाओं की स्थिति में पूर्व पति का मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेगा। सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन तभी किया जाएगा जब न्यूनतम 11 एवं अधिकतम 200 पात्र आवेदन प्राप्त होंगे। अधिक आवेदन प्राप्त होने की स्थिति में विवाह जोड़ों का चयन लॉटरी, चिट अथवा अन्य पारदर्शी एवं निर्विवाद प्रक्रिया के माध्यम से संबंधित निकाय समिति द्वारा किया जा सकेगा। योजना अंतर्गत दिव्यांग जोड़ों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी, जिसमें वर अथवा वधू या दोनों का दिव्यांग होना मान्य होगा। साथ ही वर-वधू की समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है।
आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में सम्मिलित प्रत्येक पात्र वधू को ₹49,000/- की सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे कन्या के बैंक खाते में प्रदान की जाएगी।
आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज
आवेदन पत्र के साथ वर-वधू के अभिभावक का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होने का प्रमाण पत्र, वर एवं वधू की समग्र परिवार आईडी, आधार कार्ड की छायाप्रति, कन्या एवं उसके अभिभावक का गरीबी रेखा से नीचे होने का प्रमाण पत्र अथवा पात्रता पर्ची जो बीपीएल पोर्टल पर सत्यापित हो, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर तथा संबंधित जनपद पंचायत अथवा नगरीय निकाय के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अथवा मुख्य नगरपालिका अधिकारी द्वारा जारी जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत सचिव द्वारा जारी पूर्व विवाह न होने संबंधी प्रमाण पत्र, विधवा होने की स्थिति में पूर्व पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, परित्यक्ता होने की स्थिति में न्यायालयीन तलाक आदेश, दिव्यांग होने की स्थिति में 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड तथा वर-वधू का आयु प्रमाण पत्र निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक के माध्यम से प्रस्तुत करना आवश्यक रहेगा।

