वार्ता विफल होते ही अमेरिका का कड़ा एक्शन; ईरान की समुद्री घेराबंदी शुरू, $100 के पार पहुँचा कच्चा तेल

  • Share on :

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी नौसेना जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य में आने-जाने वाले जहाजों पर नाकाबंदी लागू करेगी। यह कदम तब उठाया गया, जब पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान युद्ध विराम वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई।
अमेरिकी सेना की मध्य कमान (सेंटकॉम) ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे (पूर्वी समय) से ईरानी बंदरगाहों से जुड़े सभी समुद्री मार्गों पर यह नाकाबंदी लागू होगी और इसे सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से लागू किया जाएगा।
हालांकि, सेंटकॉम ने यह भी कहा है कि जो जहाज ईरान के बंदरगाहों से नहीं जुड़े हैं, उन्हें जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति होगी। यह पहले की उस धमकी से थोड़ा नरम कदम है, जिसमें पूरे जलमार्ग को बंद करने की बात कही गई थी।
ट्रंप का कहना है कि वह ईरान की उस रणनीतिक ताकत को कमजोर करना चाहते हैं, जिससे वह वैश्विक व्यापार पर असर डाल सकता है, खासकर उस जलमार्ग को जहां युद्ध से पहले दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल का कारोबार होता था।
युद्ध विराम के बावजूद समुद्री व्यापार पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 40 से अधिक वाणिज्यिक जहाज इस क्षेत्र से गुजर चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस नाकाबंदी से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में और अधिक अस्थिरता आ सकती है और तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है।
घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया। अमेरिकी कच्चा तेल 8% बढ़कर 104.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट कच्चा तेल 7% बढ़कर 102.29 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जो युद्ध से पहले लगभग 70 डॉलर था।
साभार अमर उजाला

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper