'नारी है शक्ति, वही है ज्योति' जेलर मेडम बहन श्वेता मीणा

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दीपक तोमर 

मंडलेश्वर।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्रीनगर कॉलोनी मण्डलेश्वर, जिला खरगोन में ब्रम्हाकुमारीज संस्था द्वारा स्वस्थ्य एवं खुशहाल पारिवारिक जीवन विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य रूप से जेलर बहन श्वेता मीणा, पूर्व उपभोक्ता फोरम की सदस्य बहन रिटा जोशी, सहेली ग्रुप की सदस्य, ब्र.कु. भावना बहन, ब्र.कु. मंगला बहन, ब्र.कु. बसु बहन एवं अन्य माता-बहने उपस्थित थी। 
इस अवसर पर बहन श्वेता मीणा ने कहा कि प्राचीन काल में नारी को देवी के रूप में पूजा जाता था, वह ज्ञान और शक्ति की प्रतीक थी। महिला दिवस मनाने का लक्ष्य मातृत्व गुणों को जगाना है। नारी शक्ति का सूचक मानी जाती है। महिलाएं जितनी सशक्त होंगी, उतना ही परिवार सशक्त होगा। आध्यात्मिक शक्ति इसका सहज माध्यम है।रिटा जोशी जी ने महिलाएं कमजोर नहीं हैं। वे सदा ये समझें कि मैं एक दिव्य शक्ति मुझे गाइड कर रही है। एक लीडर वही है जो सही समय पर सही निर्णय लेता है। जब हम सकारात्मक ऊर्जा से पूर्ण होते हैं, तभी एक बेहतर निर्णय ले सकते हैं। इस अवसर पर ब्र.कु. भावना बहन ने कहा कि जब हम सकारात्मक ऊर्जा से पूर्ण होते हैं, तभी एक बेहतर निर्णय ले सकते हैं। जीवन में संस्कारों का बहुत बड़ा महत्व है। संस्कार मूलतः माता-पिता व शिक्षकों से मिलते हैं। किसी भी कार्य करने से पहले स्व-चिंतन जरूरी है। स्व-चिंतन हमें स्वयं की क्षमताओं से परिचित कराता है।मंगला बहन ने कहा कि, आध्यात्मिकता कोई अलग नहीं है। हम स्वयं ही एक आध्यात्मिक शक्ति हैं। स्वयं को समझना ही
आध्यात्मिकता है। आत्मा की शुद्धता ही आध्यात्मिक मूल्यों का संचार करती है।

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