महिला एवं बाल विभाग, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग समन्वय के साथ कार्य करें: कलेक्टर श्री वर्मा
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की गति को बढ़ाया जाए, समय-सीमा में सभी की स्क्रीनिंग की जाए
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला गुणवत्ता निर्धारण समिति की बैठक सम्पन्न
आदित्य शर्मा, 8224951278
इंदौर। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं जिला गुणवत्ता निर्धारण समिति की बैठक कलेक्टर सभागृह में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने इंदौर जिले में चल रहे राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, अंधत्व निवारण कार्यक्रम, टीकाकरण, कुपोषण नियंत्रण केन्द्र, बाल एवं महिला मृत्यु दर सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिले के स्वास्थ्य संस्थाओं में निर्माण एवं संधारण की प्रगति रिपोर्ट भी देखी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री रोशन राय और श्री रिंकेश वैश्य, जिला पंचायत सीईओ श्री सिद्धार्थ जैन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी, जिला क्षय अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र जैन, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री रजनीश सिन्हा, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. शांता स्वामी भार्गव, एडीएम सुश्री निधि वर्मा, एसडीएम श्री घनश्याम धनगर, संयुक्त कलेक्टर श्री रोशनी पाटीदार, स्वास्थ्य अधिकारी श्री तरुण गुप्ता, श्रम विभाग की अधिकारी श्रीमती मेघना भट्ट सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
बैठक में कलेक्टर श्री वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम को गंभीरता से लें। क्षय रोग मरीजों को अस्पताल आने से पहले ही उनका चिन्हांकन कर लिया जाए। क्षय रोग मरीजों के परिजनों के साथ-साथ उनके संपर्क में आने वाले लोगों की भी स्क्रीनिंग की जाए। जिले में क्षय रोग के हॉटस्पॉट पर अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम की गति बढ़ायी जाए। साथ ही लार्वा टीमों की संख्या भी बढ़ायी जाए। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के वार्षिक लक्ष्य को तय समय-सीमा में प्राप्त करें। सभी शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य संबंधी जांच की जाए। कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकताओं में से एक है और यह कार्य संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। इस कार्य में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग आदि विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें। विशेषकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, एएनएम प्राथमिकता के साथ कार्य करें। अधिकारी मैदान में जाकर कार्य देखें और उसकी सतत मॉनिटरिंग करें। कलेक्टर श्री वर्मा ने जिला चिकित्सालय, नंदा नगर अस्पताल, पीसी सेठी अस्पताल सहित जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि इंदौर जिले में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम गत 20 जून से चल रहा है जो 30 नवम्बर तक जारी रहेगा। इस अभियान में अब तक इंदौर जिले में 8 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग होना है, जिसमें से 5 लाख 9 हजार 255 लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है। वर्तमान में इंदौर जिले में 4 हजार से अधिक सक्रिय क्षय (टीबी) रोगी है। इंदौर जिले की 334 ग्राम पंचायतों में से 133 ग्राम पंचायतों को क्षय रोग (टीबी) मुक्त घोषित कर दिया गया है। शेष पंचायतों में अभियान चल रहा है।
इंदौर जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है जिसमें नये रोगियों को चिन्हित करना का कार्य तेजी से जारी है। इस वर्ष जिले में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया बीमारी से नहीं हुई है। मलेरिया के रोगियों में कमी आई है। पूरे जिले में अलग-अलग लार्वा टीमें कार्य कर रही है। इस कार्य में स्वास्थ्य विभाग अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। जिले में महिला और बाल मृत्यु दर में लगातार कमी आ रही है। समय पर महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। जिन बच्चों में आयरन की कमी है, उनका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बैठक में बताया गया कि 6 माह से 5 वर्ष के बच्चों को प्रति मंगलवार और शुक्रवार आयरन सिरप दिया जा रहा है। 5 वर्ष से 10 वर्ष के बच्चों को प्रति सप्ताह आयरन की गुलाबी गोली दी जा रही है। साथ ही 10 वर्ष से 19 वर्ष की किशोर-किशोरी को प्रति सप्ताह आयरन की नीली गोली दी जा रही है। गंभीर एनीमिया की श्रेणी वाले चिन्हांकित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में अधिकारियों ने भी अपने विचार रखें

