खनियाधाना पुलिस की तत्परता: 17 दिन से लापता नाबालिग को आगरा से सकुशल लाई वापस, परिजनों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया के ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत कार्रवाई
खंदौली बस स्टैंड के प्रतीक्षालय से दस्तयाब ,आरोपी की तलाश जारी
अतुल जैन
खनियाधाना । पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत खनियाधाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 112/26 धारा 137(2) बीएनएस में 17 दिन पहले घर से लापता हुई नाबालिग बालिका को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के खंदौली बस स्टैंड से सकुशल दस्तयाब कर लिया। शुक्रवार को कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी को सुरक्षित देख परिजन भावुक हो गए और पुलिस टीम का आभार जताया।
ऐसे मिली सफलता
एसपी श्रीमती भूटिया ने जिले में गुम नाबालिग बालक-बालिकाओं की दस्तयाबी के लिए सभी थानों को सख्त निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले एवं एसडीओपी पिछोर प्रशांत शर्मा के मार्गदर्शन में खनियाधाना थाना प्रभारी निरी. केदार सिंह यादव ने टीम गठित की।
थाना प्रभारी ने बताया कि 27 मई 2026 को परिजनों ने नाबालिग के अचानक घर से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामला दर्ज कर अपहरण की धारा 137(2) बीएनएस में केस कायम किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। साइबर सेल की मदद से बालिका की अंतिम लोकेशन आगरा के खंदौली क्षेत्र में मिली।
गुरुवार देर रात टीम ने आगरा पहुंचकर खंदौली बस स्टैंड के प्रतीक्षालय में दबिश दी, जहां बालिका अकेली सहमी हुई बैठी मिली। पुलिस ने तत्काल उसे अभिरक्षा में लेकर थाने लाया गया। यहां महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में काउंसलिंग कर बयान दर्ज किए गए। मेडिकल परीक्षण के बाद शुक्रवार को परिजनों को सौंप दिया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में क्या आया सामने
पुलिस सूत्रों के अनुसार बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम रवाना कर दी गई है। मामले में अन्य धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
एसपी ने दी टीम को शाबाशी
पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि नाबालिग से जुड़े मामलों में शिवपुरी पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका:
इस संवेदनशील कार्रवाई को सफल बनाने में थाना प्रभारी निरी. केदार सिंह यादव के नेतृत्व में सउनि जगदीश शरण बंजारा, आरक्षक अनूप कुमार, आरक्षक हेम सिंह तथा महिला आरक्षक हनीराजा चौहान की विशेष भूमिका रही। टीम लगातार 48 घंटे से आगरा में डेरा डाले हुए थी।

