15 दिन... सैकड़ों किलोमीटर की जागरूकता... हजारों लोगों तक पहुंचा संदेश, बामौर कलां में नशा मुक्ति अभियान का भव्य समापन
'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' बना जनआंदोलन, सजे-धजे थाना परिसर में उमड़ा विद्यार्थियों का उत्साह
पुलिस और समाज ने मिलकर लिया नशा मुक्त भविष्य का संकल्प
अतुल जैन
खनियांधाना। पुलिस की छवि केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने की जिम्मेदारी भी उसकी है। इसी सोच को साकार करते हुए बामौर कलां थाना पुलिस द्वारा 15 जुलाई से शुरू किया गया "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान गुरुवार को भव्य समापन के साथ संपन्न हुआ। पिछले 15 दिनों तक लगातार चले इस अभियान ने पूरे क्षेत्र में नशा मुक्ति की अलख जगाई और युवाओं को सकारात्मक जीवन की राह दिखाने का प्रयास किया।
समापन समारोह के लिए बामौर कलां थाना परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। प्रवेश द्वार से लेकर मंच तक नशा मुक्ति के संदेश लिखे बैनर, पोस्टर और स्लोगन लगाए गए थे। पूरा थाना परिसर जनजागरूकता के केंद्र में बदल गया था। कार्यक्रम में आदर्श विद्या मंदिर एवं तक्षशिला कोचिंग के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। विद्यार्थियों की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम को उत्साहपूर्ण बना दिया।
(15 दिन तक गांव-गांव पहुंचा अभियान)
अभियान के दौरान बामौर कलां पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर नशा मुक्ति का संदेश दिया। रैलियां निकाली गईं, नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, शपथ ग्रहण कराए गए और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। अभियान का उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ चेतावनी देना नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा, खेल और अच्छे संस्कारों की ओर प्रेरित करना भी रहा।
("नशा सिर्फ शराब नहीं, हर बुरी आदत भी नशा है")
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी संजय लोधी ने विद्यार्थियों से सरल भाषा में कहा कि नशा केवल शराब, बीड़ी, सिगरेट, गांजा या स्मैक तक सीमित नहीं है। चोरी, अपराध और किसी भी प्रकार की बुरी आदत भी व्यक्ति को उसी तरह अपनी गिरफ्त में ले लेती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन का लक्ष्य तय करें, मेहनत से पढ़ाई करें और हर प्रकार की गलत संगत व बुरी आदतों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि उज्ज्वल भविष्य का रास्ता शिक्षा, अनुशासन और अच्छे संस्कारों से होकर जाता है।
(डॉ. अनंत गुप्ता ने स्वास्थ्य पर बताए गंभीर दुष्प्रभाव)
कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. अनंत गुप्ता ने कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह नई परेशानियों को जन्म देता है। उन्होंने बताया कि तंबाकू, गुटखा, शराब और अन्य नशे मुंह का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक और कई गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में मोबाइल की लत भी एक खतरनाक नशा बन चुकी है, जिससे विद्यार्थियों को बचना चाहिए।
(विद्यार्थियों ने ली नशा मुक्त समाज बनाने की शपथ)
समापन समारोह में मौजूद विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने भी पुलिस के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
(जनआंदोलन बन गया अभियान)
लगातार 15 दिनों तक चले इस अभियान ने यह साबित कर दिया कि यदि पुलिस, शिक्षा जगत और समाज मिलकर प्रयास करें तो नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ प्रभावी माहौल बनाया जा सकता है। "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" केवल एक पुलिस अभियान नहीं रहा, बल्कि बामौर कलां क्षेत्र में यह जनभागीदारी का ऐसा आंदोलन बन गया, जिसने हजारों लोगों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया और युवाओं को बेहतर भविष्य की राह चुनने की प्रेरणा दी।

