ट्रक में ठूंस-ठूंसकर ले जाए जा रहे 25 मवेशी बरामद, वाहन जब्त
13 जर्सी गाय और 12 बछड़ों को सुरक्षित उतारकर डेयरी में कराया गया दाखिल, दो आरोपियों पर मामला दर्ज
साहिल खान
बुढ़ार। पशु तस्करी और पशुओं के साथ क्रूरता के खिलाफ शहडोल पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में बुढ़ार थाना पुलिस ने एक ट्रक में अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे 13 जर्सी गाय और 12 बछड़ों समेत कुल 25 मवेशियों को बरामद कर सुरक्षित कराया है। पुलिस ने मवेशियों को ले जा रहे ट्रक को भी जब्त कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, 4 सितंबर 2026 को बुढ़ार थाना पुलिस कस्बा एवं देहात भ्रमण पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक ट्रक में बड़ी संख्या में गायों को भरकर बुढ़ार की ओर लाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने पकरिया चौराहा रोड पर नाकाबंदी की। इसी दौरान रात में ट्रक क्रमांक UP 70 GT 0108 आता दिखाई दिया। पुलिस को देखकर चालक ने ट्रक रोक दिया।
पूछताछ में चालक ने अपना नाम अंजनी त्रिपाठी (50), निवासी ग्राम चुगीनाका, ब्यौहारी, जिला शहडोल बताया, जबकि ट्रक में सवार दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम मनीष कुमार साहू (50), निवासी गोडपारा खोआ मंडी, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) बताया।
पुलिस द्वारा ट्रक की तलाशी लेने पर उसके अंदर 13 जर्सी गाय और 12 बछड़े, कुल 25 मवेशी ठूंस-ठूंसकर भरे मिले। पशुओं के परिवहन से संबंधित पूछताछ करने पर चालक द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए ट्रक सहित सभी 25 मवेशियों को अपने कब्जे में ले लिया।
मवेशियों को ट्रक से सुरक्षित उतरवाकर डेयरी, बुढ़ार में संरक्षण के लिए रखा गया है। वहीं, सभी मवेशियों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जा रहा है। जब्त ट्रक को सुरक्षा की दृष्टि से थाना परिसर में खड़ा कराया गया है।
पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला पशु तस्करी एवं पशुओं के साथ क्रूरता से जुड़ा पाए जाने पर आरोपी अंजनी त्रिपाठी और मनीष कुमार साहू के विरुद्ध मध्यप्रदेश कृषक अधिनियम एवं पशु क्रूरता अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। वहीं वाहन स्वामी सौरभ सिंह (27), निवासी मंगला चौक, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में तथा थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार जायसवाल के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में सउनि क्लेमेंट जॉन एवं आरक्षक करण कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

