30 साल से सड़क की आस, अब कीचड़ में ग्रामीणों ने रोपा धान

  • Share on :

जैतपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत गलहथा में बदहाल सड़क के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन, ग्रामीण बोले—सड़क नहीं बनी तो रास्ते को ही बना दिया खेत
 साहिल खान 
शहडोल जिले के जैतपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत गलहथा में सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब सड़क पर दिखाई देने लगा है। वार्ड क्रमांक 15 में करीब तीन दशक से सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने बारिश से कीचड़ में तब्दील हो चुके रास्ते पर धान का रोपा लगाकर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग को लेकर जिम्मेदारों के सामने अपनी समस्या रखी जा रही है, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिला।

ग्रामीणों के मुताबिक वार्ड क्रमांक 15 से मुख्य सड़क और स्कूल तक जाने वाला करीब आधा किलोमीटर लंबा मार्ग क्षेत्र के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बारिश शुरू होते ही यह रास्ता कीचड़ और पानी से लबालब हो जाता है। हालात ऐसे हो जाते हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और रोजाना आवागमन करने वाले ग्रामीणों को उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि करीब 30 वर्षों से वे इसी परेशानी का सामना कर रहे हैं।
लगातार उपेक्षा से नाराज नवल सिंह, पहलाद सिंह, सुरेश सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने इस बार विरोध का अलग तरीका अपनाया। बारिश के बाद सड़क पर जमा कीचड़ को देखते हुए ग्रामीणों ने वहीं धान का रोपा लगा दिया। उनका कहना है कि जब सड़क की हालत खेत जैसी हो गई है तो क्यों न इसमें धान ही लगा दिया जाए। इस प्रदर्शन के जरिए ग्रामीणों ने जिम्मेदारों का ध्यान वर्षों पुरानी समस्या की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है।

ग्रामीण पहलाद सिंह ने कहा कि सड़क की हालत देखकर ऐसा लगता है जैसे यह रास्ता नहीं बल्कि खेत हो। यदि इसी तरह पानी और कीचड़ जमा रहना है तो यहां धान की फसल ही तैयार कर लेते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत की ओर से बारिश समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण शुरू कराने का भरोसा दिया गया है। अब ग्रामीणों की नजर इस आश्वासन पर टिकी है कि तीन दशक से लंबित सड़क की समस्या वास्तव में कब खत्म होगी।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper