नशे और साजिश का काला खेल: एक मां का इंसाफ के लिए दर्दनाक विलाप
शिवपुरी से ऋषि गोस्वामी की रिपोर्ट
शिवपुरी में नशा न केवल एक व्यक्ति को खत्म करता है, बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर देता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक हालिया वीडियो में एक बेबस मां के आंसू व्यवस्था और समाज पर गहरे सवाल खड़े कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
महिला बिलख-बिलख कर आरोप लगा रही है कि उसके 25 वर्षीय बेटे को साजिश के तहत नशे के जाल में फंसाया गया। महिला का कहना है कि उसे कोई "केमिकल वाला नशा" (ड्रग्स) दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई
प्रमुख आरोप:
संपत्ति और लालच: महिला ने आरोप लगाया है कि उसके बेटे को नशे की लत लगाकर उसकी 'एक्टिवा' और पूरी जमा-पूंजी छीन ली गई।
प्रशासन की उदासीनता: महिला का दावा है कि वह इस मामले की शिकायत लेकर थाने के चक्कर काट चुकी है, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उसने कहा, "मैं थाने गई, लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी।"
डंडा बैंक और नशे का सिंडिकेट: वीडियो के शीर्षक और महिला की बातों से संकेत मिलता है कि यह मामला केवल नशे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संपत्ति हड़पने वाले किसी गिरोह या 'डंडा बैंक' (अवैध ब्याज/वसूली का धंधा) का हाथ हो सकता है।
न्याय की गुहार
महिला के रोते हुए शब्द—"मेरे बेटे को खत्म कर दिया, उसका माइंड ब्लॉक कर दिया"—किसी भी व्यक्ति को झकझोर देने वाले हैं। यह घटना दिखाती है कि कैसे नशा अब केवल स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं, बल्कि एक बड़ा अपराध बन चुका है जहाँ युवाओं को निशाना बनाकर उनकी संपत्ति लूटी जा रही है।

