इंदौर युवा मोर्चा अध्यक्ष पद पर घमासान, सामाजिक समीकरणों के बीच सार्थक जैन का नाम चर्चा में
पत्रकार :- खुशबू श्रीवास्तव
इंदौर। भारतीय जनता युवा मोर्चा इंदौर महानगर के अध्यक्ष पद को लेकर संगठन के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। संभावित दावेदारों के नामों के साथ-साथ सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक पृष्ठभूमि को लेकर भी चर्चाओं का दौर जारी है। हालिया संगठनात्मक नियुक्तियों के बाद अध्यक्ष पद की दौड़ का गणित भी काफी बदलता नजर आ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से हाल ही में मुक्त होकर आए सार्थक जैन का नाम युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। संगठन के भीतर चर्चा है कि विद्यार्थी परिषद के कुछ उच्च पदाधिकारियों द्वारा सार्थक जैन के नाम को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर पर भी दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व द्वारा ही किया जाना है।
दूसरी ओर, हाल ही में किसान मोर्चा के अध्यक्ष बनाए गए रजनीश वर्मा के खाती समाज से होने के कारण युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए इसी समाज से प्रमुख दावेदार माने जा रहे रोहित चौधरी और अक्षय चौधरी के समीकरण पर असर पड़ा है। संगठन में एक ही सामाजिक वर्ग को लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की स्थिति में युवा मोर्चा के लिए अन्य सामाजिक समीकरणों पर विचार किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, मयूरेश पिंगले के नाम को लेकर भी पहले संगठन के अंदर चर्चा थी, लेकिन उनकी उम्र और पूर्व संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी जानकारियों को लेकर उठे सवालों के बाद उनकी दावेदारी कमजोर मानी जा रही है। पार्टी के आयु संबंधी मानदंडों को देखते हुए भी उनका नाम अब पहले की तुलना में कम चर्चा में है।
इसी तरह धीरज ठाकुर भी उम्र संबंधी समीकरणों के चलते अध्यक्ष पद की दौड़ में पिछड़ते दिखाई दे रहे हैं। दूसरी ओर अमित पालीवाल और अमित सिंह कुशवाह जैसे नामों को लेकर चर्चा है कि सामान्य वर्ग से आने के कारण उनका समीकरण वर्तमान संगठनात्मक परिस्थितियों में अपेक्षाकृत कमजोर हो सकता है। इसकी एक वजह यह भी मानी जा रही है कि इंदौर भाजपा के मुख्य संगठन की जिम्मेदारी पहले से सामान्य वर्ग के नेतृत्व के पास है।
ऐसे में युवा मोर्चा अध्यक्ष पद का फैसला केवल व्यक्तिगत दावेदारी पर नहीं, बल्कि संगठनात्मक अनुभव, आयु, सामाजिक संतुलन और वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर होने की संभावना है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि इंदौर युवा मोर्चा की कमान संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले सार्थक जैन को मिलती है या पार्टी नेतृत्व सामाजिक संतुलन और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देते हुए किसी अन्य चेहरे पर दांव लगाता है। अंतिम फैसला प्रदेश संगठन और भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व पर निर्भर करेगा।

