मोदी-ट्रंप युग की बड़ी आर्थिक जीत: अमेरिका भारतीय उत्पादों पर घटाएगा शुल्क, 'मेक इन इंडिया' को मिलेगी नई उड़ान

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नई दिल्ली. अमेरिका और भारत ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते  का फ्रेमवर्क जारी किया. इससे दोनों देशों के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में नई गति मिली है. यह घोषणा विस्तारित बातचीत और हाल के टैरिफ तनाव के बीच आई है, जिससे दोनों पक्षों के बीच आर्थिक रिश्तों में नई गति देखने को मिल रही है.
दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इस फ्रेमवर्क को शीघ्र लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, ताकि एक पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके.' दोनों देशों ने इसे अपनी साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया.
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क जारी करते हुए 'X' पोस्ट में लिखा, 'प्रधानमंत्री मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है. इससे भारतीय निर्यातकों- विशेषकर एमएसएमई, किसान और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर के विशाल बाजार के द्वार खुलेंगे. निर्यात में बढ़ोतरी से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे.'
उन्होंने आगे कहा, 'इस फ्रेमवर्क के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर रेसिप्रोकल टैरिफ घटाकर 18% करेगा, जिससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में वस्त्र व परिधान, चमड़ा व फुटवियर, प्लास्टिक व रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े भारतीय उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी. इसके अतिरिक्त, जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न एवं आभूषण (जेम्स एंड डायमंड्स) और विमान पुर्जों सहित कई वस्तुओं पर टैरिफ शून्य किए जाएंगे, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा और मेक इन इंडिया को और मजबूती मिलेगी.'
पीयूष गोयल ने कहा, 'यह समझौता किसानों के हितों की सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, एथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि व डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है. यह समझौता भारत और अमेरिका को अपने आर्थिक सहयोग को और गहराई देने के साझा संकल्प के साथ आगे बढ़ने में मदद करेगा, जो हमारे नागरिकों और व्यवसायों के लिए सतत विकास को प्रतिबिंबित करता है.'
साभार आज तक

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