ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम: मोदी सरकार की 'गोबरधन' योजना से 10 गुना बढ़ेगा बायोगैस उत्पादन
नई दिल्ली। पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर बहुत सारे लोग विरोध में उतर चुके हैं।वहीं सरकार ने बायोगैस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय एकीकृत योजना ‘गोबरधन’ को मंजूरी दी है। 23,731 करोड़ रुपये की यह योजना दस वर्षों में पूरी की जाएगी। इसके तहत सीएनजी-पीएनजी में पांच फीसदी तक बायोगैस मिलाने की तैयारी है। जानकारी के मुताबिक अगले 10 साल में 23,731 करोड़ की गोबरधन योजना पूरी की जाएगी। इस योजना के तहत सीएनजी और पीएनजी में पांच फीसदी तक बायोगैस मिलाया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी। योजना के तहत कृषि अपशिष्ट, गोबर, जैविक कचरा, अन्य बायोमास संसाधनों को स्वच्छ ईंधन, जैविक खाद में बदला जाएगा। इससे शहरी गैस वितरण कंपनियां बायोगैस खरीदना शुरू करेंगी। इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 में तीन प्रतिशत, 2027-28 में चार प्रतिशत और 2028-29 से आगे पांच प्रतिशत बायोगैस सीएनजी और पीएनजी में मिलाई जाने लगेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि गोबरधन योजना का मकसद घरेलू संपीड़ित बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन को दस गुना से अधिक कर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
साभार लाइव हिन्दुस्तान

