पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर शासकीय महाविद्यालय मेहंदवानी में व्याख्यानमाला आयोजित
मेहंदवानी। शासकीय महाविद्यालय, विकासखंड मेहंदवानी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर व्याख्यानमाला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री बैजनाथ जी भाईसाब, जनभागीदारी समिति सदस्य एवं माँ नर्मदा समग्र सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर नवांकुर संस्था प्रभारी श्री कृष्णा साहू, श्री पवन कुमार साहू, सभी मेंटर साथी तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में विकास खंड समन्वयक डॉ. नीलेश्वरी वैश्य ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन, विचारों एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ के दर्शन को विद्यार्थियों के समक्ष सरल रूप में प्रस्तुत किया।
डॉ. वैश्य ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का चिंतन समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्र के बीच समन्वय स्थापित करने पर केंद्रित था। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके जीवन मूल्यों, सादगी, सेवा भावना, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि एवं अन्य वक्ताओं ने भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों और उनके सामाजिक एवं राष्ट्रवादी चिंतन पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने युवाओं से समाज के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने, जरूरतमंदों की सहायता करने तथा अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन एवं विचारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में रुचिपूर्वक सहभागिता करते हुए उनके विचारों को समझने का प्रयास किया।
व्याख्यानमाला के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि राष्ट्र निर्माण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से संभव होता है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और अवसर पहुंचाने के लिए सेवा, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना आवश्यक है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, मेंटर साथियों एवं छात्र-छात्राओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के आदर्शों एवं राष्ट्र सेवा की भावना को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

