शिवपुरी में भक्ति और आस्था का सैलाब: एक साथ 40 भक्तों ने की दंडवत यात्रा, माँ राजेश्वरी मंदिर से माँ चिंतपूर्णी खाटूश्यामजी मंदिर तक गूंजे जयकारे
शिवपुरी से ऋषि गोस्वामी की रिपोर्ट
शिवपुरी: में इन दिनों भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। माँ चिंतपूर्णी खाटूश्यामजी सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान के दौरान शहर की सड़कें पूरी तरह भक्तिमय नजर आईं। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण यह रहा कि एक साथ 40 भक्तों ने दंडवत यात्रा कर अपनी अनन्य आस्था का परिचय दिया।
माँ राजेश्वरी मंदिर से हुई यात्रा की शुरुआत
इस धार्मिक यात्रा का शुभारंभ शहर के प्रसिद्ध माँ राजेश्वरी मंदिर से हुआ। यात्रा आरंभ होने से पहले माँ राजेश्वरी की विशेष पूजा-अर्चना और आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इसके बाद भक्तों ने दंडवत यात्रा का संकल्प लेकर आगे बढ़ना शुरू किया।
यात्रा के दौरान शहर के मुख्य मार्गों—गुरुद्वारा झाँसी तिराहे से होते हुए यह कारवां गुना बाइपास स्थित प्रसिद्ध प्राचीन माँ चिंतपूर्णी खाटूश्यामजी मंदिर तक पहुंचा।
जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
दंडवत यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों द्वारा जगह-जगह पुष्प वर्षा कर भक्तों का स्वागत किया गया। 'जय माता दी' और 'श्री श्याम बाबा की जय' के जयकारों से पूरा शिवपुरी शहर गूंज उठा। इस अदभुत और कठिन दंडवत यात्रा को देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भक्तों का तांता लगा रहा।
प्राचीन मंदिर पहुंचकर पूर्ण हुई यात्रा
गुना बाइपास स्थित प्राचीन माँ चिंतपूर्णी खाटूश्यामजी मंदिर पहुंचने पर सभी 40 भक्तों ने माता और बाबा श्याम के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में धार्मिक सौहार्द बढ़ता है और युवाओं में अपनी संस्कृति के प्रति जुड़ाव मजबूत होता है। यात्रा के समापन पर प्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने लाभ लिया।
विशेष आकर्षण: एक साथ 40 भक्तों द्वारा पूरी श्रद्धा के साथ की गई यह दंडवत यात्रा शिवपुरी के धार्मिक इतिहास में एक यादगार पल बन गई है, जिसकी चर्चा पूरे शहर में है।

