जगन्नाथ मंदिर की आकृति पर तैयार हुआ अनूठा सेहरा, इंदौर के कलाकार विशाल हेमराज कप्तान ने एक माह की मेहनत से रचा आकर्षक शिल्प।
इंदौर मध्यप्रदेश
सह संपादक अनिल चौधरी
कला, आस्था और परंपरा के अनूठे संगम का उदाहरण पेश करते हुए इंदौर के प्रसिद्ध सेहरा कलाकार विशाल हेमराज कप्तान द्वारा भगवान जगन्नाथ जी के मंदिर की आकृति पर एक विशेष एवं आकर्षक सेहरा तैयार किया गया है। यह अनूठा सेहरा इंदौर से मंदसौर निवासी लखन भगत और अंकुर परमार के लिए विशेष रूप से बनाया गया है।सहायक कलाकारों के रूप में मयंक कल्याणे, अंशुल कृष्णा, हर्ष, तनिष्क और युवराज ने दिया सहयोग।सभी कलाकारों ने मिलकर करीब एक महीने तक मेहनत करते हुए इस विशेष सेहरे को अंतिम रूप दिया।
कलाकारों का कहना है कि भारतीय परंपराओं और धार्मिक प्रतीकों को कला के माध्यम से जीवंत करना उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में भी इसी तरह की अनूठी एवं रचनात्मक कलाकृतियां तैयार करने का प्रयास जारी रहेगा।इस विशेष सेहरे को तैयार करने में कलाकार विशाल हेमराज कप्तान ने करीब एक माह तक लगातार मेहनत और सतत प्रयास किए। भगवान जगन्नाथ जी के मंदिर की वास्तुकला और धार्मिक स्वरूप को ध्यान में रखते हुए सेहरे को बेहद बारीकी और कलात्मकता के साथ तैयार किया गया है। सेहरे में मंदिर की आकृति को आकर्षक ढंग से उकेरते हुए पारंपरिक कला को आधुनिक शिल्प कौशल के साथ प्रस्तुत किया गया है।
कलाकार विशाल हेमराज कप्तान ने बताया कि इस तरह के विशेष सेहरे को तैयार करने में केवल सजावट ही नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं और कलात्मक बारीकियों का भी विशेष ध्यान रखना पड़ता है। जगन्नाथ जी के मंदिर की आकृति को सेहरे के स्वरूप में उतारना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसके लिए लंबे समय तक डिजाइन, संरचना और सजावट पर कार्य किया गया।इंदौर की सेहरा कला को एक अलग पहचान दिलाने वाले कलाकार विशाल हेमराज कप्तान द्वारा तैयार यह सेहरा अब इंदौर से मंदसौर पहुंचेगा। धार्मिक आस्था, पारंपरिक शिल्प और कलाकारों की मेहनत से तैयार यह अनूठी कलाकृति लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।

