करैरा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, श्रीराम कथा से भक्तिमय हुआ बगीचा धाम

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“श्रीराम कथा के श्रवण से प्रसन्न होते हैं हनुमान जी, मिट जाते हैं जन्म-जन्मांतर के कष्ट”—पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री
विशाल अन्नपूर्णा भोजन पंडाल में हजारों श्रद्धालु ग्रहण कर रहे प्रसादी, सेवा और समर्पण की मिसाल बनी आयोजन समिति
शिवपुरी, करैरा। करैरा स्थित बगीचा धाम-श्री राम राजा धाम में श्रीराम कथा के आयोजन ने भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत वातावरण निर्मित कर दिया है। कथा के द्वितीय दिवस रविवार को लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने श्रीराम कथा का रसपान कराते हुए भगवान श्रीराम की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा पंडाल में उमड़े श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह से करैरा की धरती राममय हो उठी है। देश के विभिन्न शहरों और गांवों से श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण यहां लघु महाकुंभ जैसा दृश्य दिखाई दे रहा है।
श्रीराम कथा के श्रवण से मिटते हैं जन्म-जन्मांतर के कष्ट
कथा प्रवचन के दौरान पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने श्रीराम कथा की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रीराम कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण करता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा के श्रवण से जन्म-जन्मांतर की व्यथा मिट जाती है और जीवन में सुख की अनुभूति होती है।
उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि कथा में इस प्रकार बैठना चाहिए कि कथा केवल कानों तक सीमित न रहे, बल्कि हृदय में भी उतर जाए। जब मनुष्य श्रद्धा और समर्पण के साथ कथा का श्रवण करता है, तब उसका जीवन राममय हो जाता है।
पं. शास्त्री ने गोस्वामी तुलसीदास जी का उल्लेख करते हुए रामचरितमानस की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की कथा कलियुग में जन-जन तक पहुंचाने में तुलसीदास जी का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने हनुमान जी की श्रीराम कथा के प्रति अगाध श्रद्धा का वर्णन करते हुए कहा कि हनुमान जी को श्रीराम कथा अत्यंत प्रिय है और कथा के श्रवण से वे प्रसन्न होते हैं।
उनके प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति, मर्यादा, समर्पण और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
आठ बीघा में बना अन्नपूर्णा भोजन पंडाल, हजारों श्रद्धालु ग्रहण कर रहे प्रसादी
श्रीराम कथा के साथ-साथ आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं की सेवा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। लगभग आठ बीघा क्षेत्र में निर्मित विशाल अन्नपूर्णा भोजन पंडाल में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु श्रद्धाभाव से भोजन प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। भोजन व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए लगभग 200 सेवा समिति के सदस्य निरंतर सेवाकार्य में जुटे हुए हैं।
समिति के सदस्य पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी वितरित कर रहे हैं। देर रात तक प्रसादी वितरण का क्रम जारी रहता है। सेवा में लगे कार्यकर्ताओं का उद्देश्य यही है कि दूर-दराज से आने वाले किसी भी श्रद्धालु को भोजन के लिए असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं के ठहरने से लेकर स्वच्छता तक के व्यापक इंतजाम
कथा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और भक्तजन पहुंच रहे हैं। विशाल कथा पंडाल तथा मंदिर परिसर के आसपास बनाए गए अन्य पंडालों में श्रद्धालुओं के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, स्नान एवं दैनिक उपयोग की आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आयोजन समिति के सदस्य दिन-रात सेवाभाव से जुटे हुए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिसकर्मी विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं तथा ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। वहीं, पुलिस जवान यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने में जुटे हैं, जिससे श्रद्धालुओं के आवागमन में अनावश्यक बाधा उत्पन्न न हो।
आयोजन समिति और पुलिस प्रशासन के समन्वित प्रयासों से विशाल धार्मिक आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है।
27 और 28 अक्टूबर को लगेगा दिव्य दरबार, 29 एवं 30 अक्टूबर को गुरु दीक्षा
श्रीराम कथा के इस भव्य आयोजन के अंतर्गत आगामी 27 एवं 28 अक्टूबर को दिव्य दरबार आयोजित किया जाएगा। वहीं, 29 एवं 30 अक्टूबर को गुरु दीक्षा का कार्यक्रम संपन्न होगा। इन कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों से भक्तों के करैरा पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।
आयोजन स्थल पर श्रद्धा, सेवा और समर्पण का संगम दिखाई दे रहा है। एक ओर श्रीराम कथा के माध्यम से भक्तों को आध्यात्मिक संदेश मिल रहा है, तो दूसरी ओर सेवा समिति द्वारा भोजन, आवास, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं के माध्यम से मानव सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया जा रहा है।
सोमवार को दोपहर 3 बजे से होगी श्रीराम कथा
आयोजन के अगले दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से श्रीराम कथा का आयोजन होगा। श्रद्धालुओं से कथा में पहुंचकर प्रभु श्रीराम की अमृतमयी कथा का श्रवण करने का आग्रह किया गया है।
करैरा में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, निरंतर गूंजते भक्ति के स्वर और सेवा में जुटे सैकड़ों हाथ इस बात के साक्षी हैं कि बगीचा धाम-श्री राम राजा धाम इन दिनों आस्था के विराट केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच करैरा में लघु महाकुंभ जैसा वातावरण निर्मित हो गया है।
शिवपुरी जिला ब्यूरो — हेमंत भार्गव

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