बैसाखी खालसा पंथ स्थापित दिवस पर उमड़ा आस्था का सैलाब
150 संगत के साथ श्री हजूर साहिब के लिए रवाना हुआ भव्य जत्था,
बंजारा सिख समाज में जागरूकता की नई क्रांति
महेन्द्र मालवीय रणजीत टाईम्स
बुरहानपुर। निज प्रतिनिधि बैसाखी और खालसा पंथ स्थापना दिवस के पावन अवसर पर जिले में बंजारा सिख समाज की अटूट आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। श्री गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब मातापुर से लगभग 150 श्रद्धालुओं का एक भव्य जत्था 'श्री हजूर साहिब, नांदेड़' के दर्शन के लिए रवाना हुआ। इस धार्मिक यात्रा ने न केवल भक्ति का माहौल बनाया, बल्कि समाज में एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार भी किया।
प्रवासी भारतीय की सराहनीय पहल इस विशेष धार्मिक सेवा का नेतृत्व सरदार नरेंद्र सिंह थांदी (प्रधान, वेस्ट सेक्रामेंटो, यूएसए) द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने गुरु नानक नाम लेवा बंजारा सिख संगत को गुरुधाम के दर्शन कराने का बीड़ा उठाया है। समाज के लोगों ने उनके इस निस्वार्थ प्रयास की जमकर सराहना की। कार्यक्रम में बंजारा सिख प्रचारक भाई राजा सिंह राठौड़ और रागी ईश्वर सिंह (गुरुद्वारा सिंघ सभा, खंडवा) की उपस्थिति ने आयोजन में चार चांद लगा दिए।
नशे के खिलाफ और संस्कृति की ओर भाई राजा सिंह राठौड़ ने अपने संबोधन में बंजारा सिखों के गौरवशाली इतिहास को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समाज आज गुरु की शिक्षाओं को आत्मसात कर नई दिशा में बढ़ रहा है। वहीं, रागी ईश्वर सिंह ने समाज में आ रहे सकारात्मक बदलावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोग अब नशे और पुरानी कुरीतियों को त्यागकर 'सिक्खी' के मार्ग को अपना रहे हैं। यह यात्रा केवल दर्शन के लिए नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
शहीद बब्बर बाबा की प्रेरणा आयोजकों के अनुसार, यह पूरी यात्रा शहीद बब्बर बाबा करम सिंह जी थांदी की प्रेरणा से आयोजित की गई है। जत्थे की रवानगी के दौरान 'जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। यात्रा के दौरान संगत के लिए आवास, भोजन और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यह आयोजन बंजारा सिख समाज के लिए सेवा भावना और भाईचारे का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

