फर्जी शपथ पत्र के आधार पर विकास अनुमति लेने का आरोप, सतवा-बी कॉलोनी की अनुमति निरस्त

  • Share on :

राजेश धाकड़ 
इंदौर। ग्राम बढ़ियाकिमा स्थित सतवा-बी (Satva B) नामक कॉलोनी की विकास अनुमति फर्जी शपथ पत्र प्रस्तुत किए जाने के आरोप में निरस्त कर दी गई है। प्रशासन ने विकास अनुमति की शर्त क्रमांक 25 एवं 31 के उल्लंघन को आधार मानते हुए यह कार्रवाई की।

मामले में आरोप है कि कॉलोनी के डेवलपर ने विकास अनुमति प्राप्त करने के लिए कलेक्टर कार्यालय के कॉलोनी सेल, टीएनसीपी (Town and Country Planning) तथा रेरा के समक्ष शपथ पत्र प्रस्तुत कर यह जानकारी दी थी कि संबंधित भूमि से जुड़ा कोई भी मामला किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है। जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार उसी भूमि के स्वामित्व को लेकर सक्षम न्यायालय में सिविल वाद लंबित था।

इस संबंध में पीड़ित किसान परिवार की ओर से कुसुम जाट ने अपने अधिवक्ता अभिषेक रघुवंशी के माध्यम से जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि न्यायालय में विवाद लंबित होने की जानकारी छिपाकर फर्जी शपथ पत्र के आधार पर विकास अनुमति प्राप्त की गई।

शिकायत की जांच के बाद प्रशासन ने विकास अनुमति की शर्तों के उल्लंघन को सही पाया और सतवा-बी कॉलोनी की विकास अनुमति निरस्त करने की कार्रवाई की।

मामले में यह भी दावा किया जा रहा है कि पूर्व विधायक विशाल पटेल के पुत्र गिरिराज पटेल भी इस कॉलोनी परियोजना में पार्टनर हैं। हालांकि इस संबंध में उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि कुछ समय पूर्व बिल्डर ने खुड़ैल थाना क्षेत्र में संबंधित भूमि का कब्जा लेकर कॉलोनी का विकास कार्य शुरू कर दिया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह कार्रवाई थाना प्रभारी से कथित मिलीभगत के कारण संभव हुई। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अब विकास अनुमति निरस्त होने के बाद इस पूरे मामले में आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Latest News

Everyday news at your fingertips Try Ranjeet Times E-Paper